Parvati Sweetners and Power Ltd ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए कमजोर नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू घटकर **₹17.98 करोड़** रह गया है, जिसके चलते **₹13.05 करोड़** का नेट लॉस हुआ है। इस दबाव के बीच, कंपनी ने चीनी के कारोबार से हटकर फूड प्रोसेसिंग की ओर कदम बढ़ाते हुए Vedshree Food Industries में **51%** हिस्सेदारी खरीदने का ऐलान किया है।
मुनाफे से नुकसान का सफर
कंपनी के लिए फाइनेंशियल ईयर 2026 बेहद चुनौतीपूर्ण रहा है। कंपनी का रेवेन्यू 66.4% गिरकर ₹17.98 करोड़ पर आ गया, जो पिछले साल ₹53.57 करोड़ था। पिछले साल ₹0.58 करोड़ के मुनाफे में रहने वाली कंपनी इस बार ₹13.05 करोड़ के भारी नेट लॉस में चली गई है। इसका सीधा असर कंपनी की अर्निंग प्रति शेयर (EPS) पर पड़ा है, जो गिरकर -0.87 रुपये हो गई है।
डायवर्सिफिकेशन की रणनीति
शुगर सेक्टर में लगातार अनिश्चितता को देखते हुए, कंपनी अब फूड प्रोसेसिंग और बायो-एनर्जी के क्षेत्र में अपना भविष्य तलाश रही है। इसी कड़ी में कंपनी ने ₹6 करोड़ में Vedshree Food Industries Private Limited की 51% हिस्सेदारी खरीदी है। यह कंपनी अब राइस प्लांट, गुड़, रिफाइंड ऑयल और आटा मिल जैसे कारोबारों के जरिए अपनी कमाई के स्रोतों को स्थिर करने की कोशिश कर रही है।
रिस्क और क्रेडिट रेटिंग का दबाव
निवेशकों के लिए फिलहाल चिंता की बात यह है कि Infomerics Valuation and Rating ने कंपनी की क्रेडिट फैसिलिटीज पर 'Negative' आउटलुक दिया है। कंपनी फिलहाल अपना 2,500 TCD का शुगर प्लांट 80% क्षमता पर चला रही है। भविष्य की बात करें तो, 45 KLPD का इथेनॉल प्लांट जल्द शुरू होने वाला है और 15 TPD की सीबीजी (CBG) फैसिलिटी में उत्पादन शुरू हो चुका है।
अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या ये नए प्रोजेक्ट्स कंपनी की गिरती आर्थिक सेहत को सुधार पाएंगे और कब तक कंपनी वापस मुनाफे में लौट पाएगी।
