Paras Petrofils ने अपनी 35वीं AGM में रेगुलेटरी नियमों के उल्लंघन को स्वीकार किया है। कंपनी ने **92** दिनों की देरी से कंप्लायंस ऑफिसर नियुक्त किया और BSE-NSE को कुल **₹2.17 लाख** का जुर्माना भरा है।
जुर्माने और नियमों की अनदेखी
कंपनी ने स्वीकार किया है कि अनुपालन (Compliance) के मोर्चे पर बड़ी चूक हुई है। इसके चलते कंपनी को BSE और NSE को ₹1,08,560 प्रत्येक, यानी कुल ₹2,17,120 का जुर्माना देना पड़ा है। मुख्य समस्या 92 दिनों तक अनिवार्य कंप्लायंस ऑफिसर (Company Secretary) की नियुक्ति न करना थी, जो SEBI (LODR) नियमों का सीधा उल्लंघन है। इसके अलावा, कंपनी कॉर्पोरेट लोन से जुड़े बोर्ड प्रस्तावों के लिए जरूरी Form MGT-14 भी फाइल नहीं कर पाई थी।
AGM में क्या हुआ?
जुर्माने की खबर के बावजूद, शेयरहोल्डर्स ने मीटिंग के दौरान कंपनी के एजेंडे को मंजूरी दे दी। इसमें FY2026 के लिए ऑडिट की गई स्टैंडअलोन फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स को अपनाना और डायरेक्टर संजय जयंत भट्ट की दोबारा नियुक्ति शामिल है। मीटिंग में कुल 60 शेयरहोल्डर्स शामिल हुए थे।
निवेशकों के लिए चेतावनी
रेगुलेटरी पारदर्शिता कॉर्पोरेट गवर्नेंस का अहम हिस्सा है। जुर्माने और फाइलिंग में देरी यह दर्शाती है कि कंपनी के इंटरनल सिस्टम में अभी भी गैप है। मैनेजमेंट ने अब मॉनिटरिंग सिस्टम को मजबूत करने का वादा किया है, लेकिन निवेशकों को आगामी तिमाहियों में यह देखना होगा कि क्या कंपनी अपनी प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सुधार कर पाती है या नहीं।
