Pankaj Polymers ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में **₹2.19 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। हालांकि, यह मुनाफा कामकाज के बजाय एसेट की बिक्री से आया है। कंपनी का मैनेजमेंट पूरी तरह बदल चुका है और अब फर्म कर्ज मुक्त है, लेकिन कोर बिजनेस अभी भी कमजोर बना हुआ है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का सच
कंपनी ने FY 2025-26 के लिए ₹2.19 करोड़ का नेट प्रॉफिट रिपोर्ट किया है, जबकि पिछले साल (FY 2024-25) कंपनी को ₹12.94 लाख का नुकसान हुआ था। हालांकि, रेवेन्यू ऑपरेशंस से 15.46% घटकर ₹1.29 करोड़ रह गया है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह मुनाफा नॉन-रिकरिंग है और एसेट रीयलाइजेशन का नतीजा है। अगर इसे हटा दें, तो प्लास्टिक ग्रेन्यूल्स के कारोबार में ऑपरेटिंग लॉस ₹0.90 करोड़ से बढ़कर ₹1.01 करोड़ हो गया है।
मैनेजमेंट और स्ट्रक्चरिंग में बड़ा बदलाव
जून 2026 में कंपनी ने एक बड़े बदलाव का दौर देखा। पुराने प्रमोटरों ने अपनी 58.15% हिस्सेदारी नए मैनेजमेंट को बेच दी, जिसके बाद बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का पुनर्गठन हुआ। कंपनी ने ₹1.87 करोड़ का सारा कर्ज चुकाकर खुद को 31 मार्च 2026 तक पूरी तरह कर्ज मुक्त घोषित कर दिया है।
निवेशक इन रिस्क पर रखें नजर
फिलहाल कंपनी के सामने कई गवर्नेंस संबंधी चुनौतियां हैं:
- टैक्स विवाद: GST विभाग ने एक लीजहोल्ड प्रॉपर्टी की बिक्री पर ₹1.42 करोड़ की टैक्स मांग की है, जिसे कंपनी चुनौती दे रही है।
- ऑडिट रिपोर्ट: ऑडिटर्स ने कंपनी के अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर में 'ऑडिट ट्रेल' फीचर न होने पर आपत्ति जताई है।
- अनसुलझे लोन: कंपनी द्वारा दिए गए लोन बढ़कर ₹12.36 करोड़ तक पहुंच गए हैं, लेकिन इनका रिपेमेंट शेड्यूल स्पष्ट नहीं है।
अगले कुछ महीनों में, निवेशकों को प्रेफरेंशियल शेयर इश्यू से मिले फंड के इस्तेमाल और GST मामले के नतीजों पर पैनी नजर रखनी होगी।
