Care Ratings ने Pajson Agro India के IPO फंड्स को लेकर चेतावनी जारी की है। कंपनी पर General Corporate Purpose (GCP) की तय सीमा से ज्यादा खर्च करने का आरोप है, साथ ही आंध्र प्रदेश प्लांट में काम देरी से चल रहा है।
मॉनिटरिंग एजेंसी की रिपोर्ट में खुलासे
Care Ratings Limited ने अपनी नवीनतम रिपोर्ट में खुलासा किया है कि Pajson Agro India Limited ने IPO से मिले फंड का इस्तेमाल तय नियमों के दायरे से बाहर जाकर किया है। कंपनी ने General Corporate Purpose (GCP) के तहत ₹10.43 करोड़ खर्च कर दिए, जबकि इसकी सीमा केवल ₹10 करोड़ तय की गई थी। हैरानी की बात यह है कि इस अतिरिक्त खर्च के लिए कोई आधिकारिक मंजूरी भी दर्ज नहीं है।
गवर्नेंस पर उठे सवाल
शेयरधारकों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय है। हालांकि मैनेजमेंट का कहना है कि यह बोर्ड द्वारा मंजूर किया गया खर्च है, लेकिन रिकॉर्ड्स में इसकी कमी ने अनुपालन (Compliance) को लेकर अनिश्चितता पैदा कर दी है। कंपनी ने अब तक कुल ₹74.45 करोड़ के IPO फंड में से ₹35.63 करोड़ का उपयोग किया है, जबकि ₹38.82 करोड़ अभी भी अन-यूटिलाइज्ड हैं।
प्रोजेक्ट्स और फंडिंग में बदलाव
कंपनी आंध्र प्रदेश के विजयनगरम में काजू प्रोसेसिंग यूनिट तैयार कर रही है, जिस पर अब तक ₹18.27 करोड़ खर्च हो चुके हैं। प्रोजेक्ट की फंडिंग में बदलाव करते हुए कंपनी ने ₹20 करोड़ की इंटरनल अक्रूअल्स को बैंक टर्म डेट से बदल दिया है ताकि सरकार की कैपिटल सब्सिडी स्कीम का फायदा उठाया जा सके।
आगे क्या होगा?
फिलहाल त्योहारों के सीजन के कारण लेबर की कमी से विजयनगरम प्लांट का काम धीमा पड़ा है। अगर कंस्ट्रक्शन में और देरी होती है, तो कंपनी के रेवेन्यू और कॉस्ट-एफिशिएंसी टारगेट्स प्रभावित हो सकते हैं। निवेशकों को अब इस बात पर नजर रखनी होगी कि क्या कंपनी GCP उल्लंघन को सुलझा पाती है और क्या नया प्लांट समय पर चालू हो पाएगा।
