Pact Industries Ltd ने अपना FY26 का एनुअल रिपोर्ट पेश किया है, जिसमें कंपनी के भारी वित्तीय संकट का पता चला है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने कंपनी के अकाउंट को NPA घोषित कर दिया है, वहीं ऑडिटर्स ने कंपनी के भविष्य पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।
बिगड़ती फाइनेंशियल स्थिति
कंपनी के ताजा नतीजों के अनुसार, FY26 में कंपनी की ग्रॉस सेल्स गिरकर मात्र ₹0.13 करोड़ रह गई है, जो पिछले साल ₹1.67 करोड़ थी। हालांकि, नेट लॉस में कुछ सुधार हुआ है और यह ₹0.64 करोड़ दर्ज किया गया, जबकि पिछले साल यह ₹5.02 करोड़ था। हालांकि, सबसे बड़ी चिंता यह है कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने कंपनी को 'नॉन-परफॉर्मिंग एसेट' (NPA) घोषित कर दिया है।
ऑडिटर्स की कड़ी चेतावनी
ऑडिटर M/s. Koul Vijh Associates ने साफ तौर पर कहा है कि कंपनी का 'गोइंग कंसर्न' (Going Concern) स्टेटस खतरे में है। कंपनी ने FY 2022-23 से क्रेडिट सुविधाओं पर ब्याज का प्रावधान नहीं किया है। साथ ही, 2018 से Metropolitan Stock Exchange को लिस्टिंग फीस और जुर्माने का भुगतान न करना कंपनी के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है।
बोर्ड और मैनेजमेंट के फैसले
ऑडिटर M/s. Sanjeev Raj & Associates के इस्तीफे के बाद अब नए ऑडिटर की नियुक्ति की गई है। कंपनी ने Mr. Harpreet Singh को फिर से मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर 5 साल के लिए नियुक्त किया है। कंपनी की 33वीं एनुअल जनरल मीटिंग 30 सितंबर, 2026 को लुधियाना में होनी है। निवेशकों को कंपनी की लिक्विडिटी और बैंक सेटलमेंट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जाती है।
