Pacific Industries के निवेशकों के लिए बुरी खबर है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का नेट प्रॉफिट **₹1.99 करोड़** रह गया है, जो पिछले साल **₹7.64 करोड़** था। इसके साथ ही कंपनी ने इस साल कोई डिविडेंड नहीं देने का फैसला किया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का हाल
कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के ₹257.11 करोड़ से घटकर इस बार ₹160.97 करोड़ पर आ गया है, जो ऑपरेशनल कमजोरी को साफ दर्शाता है। कमजोर मुनाफे और कैश फ्लो की चुनौतियों के बीच कंपनी ने अपने बैंक फैसिलिटी की क्रेडिट रेटिंग को भी वापस लेने का अनुरोध किया है।
AGM और मैनेजमेंट के फैसले
Pacific Industries की 37वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 23 सितंबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी। इस बैठक में गीता अग्रवाल की दोबारा नियुक्ति और नए सेक्रेटेरियल ऑडिटर्स की नियुक्ति पर वोटिंग होगी।
टैक्स विवाद की तलवार
कंपनी अभी भी फरवरी 2023 में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा की गई सर्च और सर्वे की कार्रवाई से उपजे टैक्स विवाद में उलझी हुई है। हालांकि असेसमेंट पूरा हो चुका है, लेकिन कंपनी ने CIT (Appeals)/ITAT में अपील दायर की है, जो अभी पेंडिंग है।
निवेशकों के लिए जोखिम
टैक्स लिटिगेशन का फैसला कंपनी के कैश पोजीशन पर असर डाल सकता है। साथ ही, क्रेडिट रेटिंग का न होना भविष्य में कंपनी की उधारी लागत (borrowing costs) को प्रभावित कर सकता है, जिससे निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है।
