PTC India ने अपना खुद का डिजिटल 'Mineral Exchange' शुरू करने के लिए एक नई पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी (subsidiary) बनाने का फैसला किया है। इसके लिए कंपनी कुल **₹65 करोड़** का निवेश करेगी, जिसकी शुरुआत **₹10 करोड़** के शुरुआती फंड से होगी।
मिनरल ट्रेडिंग में PTC India की बड़ी चाल
कंपनी ने एक स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) बनाने की मंजूरी दे दी है। इस नए एक्सचेंज का मकसद देश में मिनरल्स की डिलीवरी-आधारित इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग को बढ़ावा देना है। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट्स भी और ज्यादा आसान हो जाएंगे।
निवेश का गणित
कंपनी बोर्ड ने इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए कुल ₹65 करोड़ तक के इक्विटी निवेश को हरी झंडी दी है। पहले चरण में, PTC India ₹10 करोड़ का निवेश करेगी, जिसके तहत 1 करोड़ शेयर ₹10 की फेस वैल्यू पर सब्सक्राइब किए जाएंगे। यह पूंजी निवेश की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है।
सरकारी मंजूरी का पेंच
फिलहाल इस प्रोजेक्ट की रफ्तार Indian Bureau of Mines (IBM) के फैसलों पर टिकी है। हालांकि नवंबर 2026 की आवेदन की समय सीमा निकल चुकी है, लेकिन PTC India ने इसके विस्तार (extension) की मांग की है। कंपनी को अभी IBM से रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट मिलना बाकी है।
निवेशकों के लिए जोखिम और आगे क्या?
निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि यह एक रेगुलेटेड सेक्टर है, इसलिए मंजूरी में देरी प्रोजेक्ट की टाइमलाइन को प्रभावित कर सकती है। अब सबकी नजरें IBM द्वारा समय सीमा बढ़ाए जाने के फैसले पर हैं। अगर यह मंजूरी मिल जाती है, तो कंपनी के लिए नए बाजार के रास्ते खुल जाएंगे और ऑपरेशंस की शुरुआत का मार्ग प्रशस्त होगा।
