PFL Infotech ने अपने संचित घाटे (Accumulated Losses) को राइट-ऑफ करने के लिए एक बड़ा रिस्ट्रक्चरिंग प्लान तैयार किया है। कंपनी **₹784.55 लाख** के घाटे को कम करने के लिए पेड-अप कैपिटल में **99%** की कटौती करेगी, जिसके तहत **1:100** के अनुपात में शेयर कंसोलिडेशन किया जाएगा।
बैलेंस शीट को साफ करने की कवायद
कंपनी ने 31 मार्च, 2026 तक संचित घाटा ₹784.55 लाख दर्ज किया है। इस बोझ को कम करने के लिए बोर्ड ने पेड-अप कैपिटल को ₹747.81 लाख से घटाकर महज ₹7.4781 लाख करने का फैसला किया है। इस पूरी प्रक्रिया पर 26 सितंबर, 2026 को होने वाली AGM (एनुअल जनरल मीटिंग) में मुहर लगाई जाएगी।
क्यों लिया गया यह फैसला?
बीते दो फाइनेंशियल ईयर से कंपनी की रेवेन्यू (Revenue) शून्य रही है और हर साल औसतन ₹34.75 लाख का नेट लॉस देखने को मिल रहा है। साल 2024 में आई नई मैनेजमेंट अब इस कैपिटल रिस्ट्रक्चरिंग के जरिए कंपनी की 'असली फाइनेंशियल स्थिति' को सामने लाकर नई फंडिंग जुटाने और बिजनेस को डाइवर्सिफाई करने की योजना बना रही है।
रिस्क और गवर्नेंस पर सवाल
ऑडिटर्स ने कंपनी की लोन रिपेमेंट क्षमता और FY 2015-16 से बकाया इनकम टैक्स को लेकर चिंता जताई है। निवेशकों को यह ध्यान रखना होगा कि मैनेजमेंट फिलहाल केवल पुराने लोन की रिकवरी पर जोर दे रही है, जो कंपनी के टर्नअराउंड के लिए एक बड़ी चुनौती है।
बड़े बदलाव
कैपिटल कटौती के अलावा, कंपनी अपना रजिस्टर्ड ऑफिस तेलंगाना से महाराष्ट्र शिफ्ट कर रही है। इसके साथ ही, Pavuluri & Co. को अगले 5 साल के लिए स्टैच्यूटरी ऑडिटर नियुक्त किया गया है और Mr. Parma Nand Chand को नया मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) बनाया गया है जो कंपनी को नई दिशा देंगे।
