Oswal Overseas: संकट से बाहर कंपनी, NCLT के फैसले के बाद बोर्ड को मिली कमान

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AuthorAditya Rao|Published at:
Oswal Overseas: संकट से बाहर कंपनी, NCLT के फैसले के बाद बोर्ड को मिली कमान

Oswal Overseas ने अपने एकमात्र फाइनेंशियल क्रेडिटर State Bank of India के साथ सेटलमेंट के बाद सफलतापूर्वक CIRP (कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस) से बाहर कदम रखा है। कंपनी का मैनेजमेंट कंट्रोल अब वापस बोर्ड के पास आ गया है, जिससे निवेशकों को बड़ी राहत मिली है।

संकट खत्म, सामान्य कामकाज की उम्मीद

NCLT की नई दिल्ली बेंच ने 2 सितंबर, 2026 को कंपनी के CIRP से बाहर निकलने की मंजूरी दे दी है। इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) की धारा 12A के तहत, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ हुए 100% सहमति वाले सेटलमेंट के बाद यह फैसला लिया गया। अब इंटरिम रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (IRP) को डिस्चार्ज कर दिया गया है और बोर्ड ने कंपनी का नियंत्रण दोबारा संभाल लिया है।

पेंडिंग रिजल्ट्स की चुनौती

भले ही इनसॉल्वेंसी की कार्यवाही खत्म हो गई हो, लेकिन निवेशकों की नजर अब 30 जून, 2026 को समाप्त हुई तिमाही के फाइनेंशियल रिजल्ट्स पर है। कंपनी पहले ही BSE को स्पष्ट कर चुकी है कि बोर्ड के सस्पेंशन के कारण इन नतीजों को जारी करने में देरी हुई थी। यह देरी किसी भी तरह की लापरवाही नहीं, बल्कि कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा थी।

आगे क्या होगा?

कंपनी ने अब BSE से अपील की है कि देरी के लिए लगने वाले संभावित जुर्माने को माफ किया जाए। निवेशकों के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण ट्रैक करने वाली बात यह होगी कि बोर्ड अपनी अगली बैठक में रिजल्ट्स घोषित करने की तारीख कब तय करता है। फिलहाल, मैनेजमेंट जून तिमाही के फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स को अंतिम रूप देने में जुटा है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.