Oscar Global ने अपने FY 2025-26 के नतीजे पेश किए हैं, जिसमें कंपनी को **₹11.16 लाख** का नेट लॉस हुआ है। कंपनी ने अपने लेदर मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशंस पूरी तरह बंद कर दिए हैं और अब नए बिजनेस की तलाश में है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का हाल
कंपनी के फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के आंकड़े देखें तो कुल इनकम घटकर ₹14.43 लाख रही है, जो पिछले साल ₹15.51 लाख थी। हालांकि, नेट लॉस में थोड़ी कमी आई है और यह ₹21.06 लाख से घटकर ₹11.16 लाख पर आ गया है। निवेशकों के लिए राहत की बात यह है कि नुकसान कम हुआ है, लेकिन असल चिंता यह है कि कंपनी का कोर बिजनेस फिलहाल पूरी तरह बंद है।
कैपिटल विस्तार के मायने
30 सितंबर को होने वाली 35वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में कंपनी अपनी ऑथोराइज्ड शेयर कैपिटल को ₹4 करोड़ से बढ़ाकर ₹60 करोड़ करने के प्रस्ताव पर वोटिंग कराएगी। मैनेजमेंट का तर्क है कि इससे भविष्य के बिजनेस अवसरों के लिए फंड जुटाने में लचीलापन मिलेगा।
रिस्क और आगे का रास्ता
फिलहाल कंपनी के पास कोई मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशन नहीं है। इसलिए, कैपिटल बेस बढ़ाने का फैसला एक 'इनेबलिंग स्टेप' की तरह है, न कि किसी कन्फर्म प्रोजेक्ट की शुरुआत। शेयरधारकों के लिए मुख्य सवाल यह है कि नई मैनेजमेंट कौन सा बिजनेस शुरू करेगी और उसमें कितनी पूंजी लगेगी।
बोर्ड में बड़े बदलाव
AGM में नए डायरेक्टर्स के अपॉइंटमेंट पर भी चर्चा होगी। इसमें अरविंद गणपत देसाई, गोपाल भाटर, सोनिया भाटर, मोनिका भाटर और राधेश्याम पांडे को बोर्ड में शामिल करने पर विचार किया जाएगा। इसके अलावा, कंपनी ने जोशी गाडगिल एंड कंपनी को अपना स्टैच्यूटरी ऑडिटर नियुक्त करने का भी प्रस्ताव रखा है।
