Orient Beverages Ltd की 65वीं AGM में बड़ा फैसला लिया गया है। कंपनी ने अपनी उधारी और निवेश की सीमा को बढ़ाकर **₹200 करोड़** कर दिया है, जिससे भविष्य में बिजनेस विस्तार को गति मिलेगी।
फाइनेंशियल लिमिट में हुआ इजाफा
कंपनी ने अपनी 65वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में कुल नौ एजेंडों को मंजूरी दी है। सबसे बड़ा बदलाव उधारी क्षमता और निवेश सीमा में हुआ है। अब कंपनी ₹150 करोड़ के बजाय ₹200 करोड़ तक उधार ले सकेगी और अपनी एसेट्स पर चार्ज क्रिएट कर सकेगी। इसके अलावा, इंटर-कॉर्पोरेट इन्वेस्टमेंट और लोन के लिए लिमिट को ₹100 करोड़ से दोगुना कर ₹200 करोड़ कर दिया गया है।
ग्रुप कंपनियों को मिलेगा सपोर्ट
इस नए फैसले के साथ ही Orient Beverages अब अपने ग्रुप की कंपनियों की मदद के लिए अधिक सक्षम हो गई है। कंपनी ने PAMS Beverages Pvt. Ltd. को ₹10 करोड़ और Satyanarayan Rice Mill Pvt. Ltd. को ₹15 करोड़ तक की वित्तीय सहायता देने की मंजूरी भी दी है। यह कदम संकेत देता है कि कंपनी अपने अफिलिएटेड बिजनेस को मजबूत करने की रणनीति पर चल रही है।
बोर्ड में नए बदलाव और गवर्नेंस
वित्तीय फैसलों के अलावा कंपनी ने लीडरशिप में भी स्थिरता बनाई है। श्री बल्लभ दास मुंधरा को दोबारा डायरेक्टर नियुक्त किया गया है, वहीं श्री राज कुमार सिंह अब नए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर बोर्ड का हिस्सा होंगे। साथ ही, M/s Manoj Shaw & Co. को अगले 5 सालों के लिए कंपनी का सेक्रेटेरियल ऑडिटर बनाया गया है।
निवेशकों के लिए संकेत
बढ़ी हुई लिमिट्स से कंपनी को ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी तो मिलेगी, लेकिन अब नजरें इस पर होंगी कि कंपनी इस अतिरिक्त फंड का इस्तेमाल कैसे करती है। आने वाली तिमाही नतीजों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इन लोन फैसिलिटीज का कंपनी के कैश फ्लो और बैलेंस शीट पर क्या असर पड़ता है।
