Oricon Enterprises ने अपनी सभी मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशंस को बंद कर दिया है। कंपनी अब अपना पूरा फोकस ट्रेडिंग और ट्रेजरी इन्वेस्टमेंट पर शिफ्ट कर रही है। साथ ही, कंपनी ने प्रति शेयर **₹0.20** का डिविडेंड देने का ऐलान किया है।
बड़े बदलाव की तैयारी
Oricon Enterprises ने अपने बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव करते हुए मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से पूरी तरह बाहर निकलने का फैसला किया है। कंपनी ने अपनी सभी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स की मशीनरी बेच दी है और अब उनका पूरा ध्यान ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट पर केंद्रित होगा। कंपनी के इस फैसले का मकसद लिक्विडिटी बढ़ाना और कर्ज मुक्त (Debt-light) बैलेंस शीट बनाए रखना है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नज़र
वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू ₹42.15 करोड़ रहा, जबकि नेट प्रॉफिट (PAT) ₹25.75 करोड़ दर्ज किया गया। मैनेजमेंट का कहना है कि मैन्युफैक्चरिंग से हटने के बाद अब कंपनी एक दुबली-पतली और ज्यादा प्रभावी स्ट्रक्चर के साथ काम करेगी।
निवेशकों के लिए अपडेट: डिविडेंड और बैठक
कंपनी ने अपने शेयरधारकों के लिए 10% यानी प्रति शेयर ₹0.20 का फाइनल डिविडेंड प्रस्तावित किया है, जिस पर कुल ₹3.14 करोड़ खर्च होंगे। इसके लिए जरूरी तारीखें नीचे दी गई हैं:
- डिविडेंड बुक क्लोजर: 22 सितंबर, 2026 से 29 सितंबर, 2026 तक।
- 56वीं AGM: 29 सितंबर, 2026।
मैनेजमेंट और ऑडिट
कंपनी में बड़े स्तर पर नेतृत्व में बदलाव हुए हैं। Mr. Bal Mukand Gaggar को जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर और CFO के रूप में नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही, ऑडिट फर्म SGN & Co. ने अपनी रिपोर्ट में कंपनी की फाइनेंशियल सेहत को पूरी तरह दुरुस्त और बिना किसी बड़ी खामी के बताया है।
