Nutraplus India Ltd ने अपने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की एनुअल रिपोर्ट में आधिकारिक तौर पर साफ कर दिया है कि कंपनी अब 'गोइंग कंसर्न' नहीं रही है। साल 2019 से ही कामकाज बंद पड़ा है, बैंक ने संपत्तियां नीलाम कर दी हैं और नेट वर्थ नेगेटिव **₹5.69 करोड़** हो गई है।
ऑपरेशंस का अंत और कंपनी की बदहाली
Nutraplus India की लेटेस्ट एनुअल रिपोर्ट के आंकड़े डराने वाले हैं। 31 मार्च, 2026 तक कंपनी की नेट वर्थ नेगेटिव ₹5.69 करोड़ दर्ज की गई है, जबकि फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में कंपनी को ₹34.01 लाख का नेट लॉस हुआ है।
बैंक की कार्रवाई और एसेट का सफाया
निवेशकों के लिए स्थिति पहले ही गंभीर थी, लेकिन अब यह स्पष्ट हो गया है कि कंपनी सिर्फ एक शेल (Shell) बनकर रह गई है। कंपनी की सभी मशीनरी और प्लांट को Saraswat Co-operative Bank ने SARFAESI एक्ट के तहत साल 2020-21 में ही नीलाम कर दिया था। अब कंपनी के पास न कोई मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी बची है और न ही भविष्य में कमाई का कोई जरिया।
गवर्नेंस और रेगुलेटरी संकट
कंपनी की मुश्किलें सिर्फ बिजनेस बंद होने तक सीमित नहीं हैं। 12 फरवरी, 2021 से ही इसके शेयरों की ट्रेडिंग सस्पेंड है और कंपनी डीलिस्ट हो चुकी है। सेक्रेटेरियल ऑडिट में खुलासा हुआ है कि बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का गठन नियमों के अनुसार नहीं था और SEBI के कई मानकों का उल्लंघन भी किया गया है।
निवेशकों के लिए बड़ी चेतावनी
कंपनी के पास अब कोई भी प्रमुख कर्मचारी या मैनेजमेंट टीम नहीं बची है। फाइनेंस, लीगल और प्रोडक्शन जैसे अहम विभागों में कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति मौजूद नहीं है। मैनेजमेंट ने खुद स्वीकार किया है कि उनके पास फाइनेंसियल स्टेटमेंट तैयार करने के लिए पर्याप्त लेजर डेटा तक नहीं है।
