Nukleus Office Solutions ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली छमाही (H1) के नतीजे पेश कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के **₹1.16 करोड़** से बढ़कर **₹1.44 करोड़** हो गया है, जबकि रेवेन्यू **₹22.99 करोड़** पर पहुंच गया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और एकाउंटिंग में बड़ा बदलाव
कंपनी ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त छमाही के लिए अनऑडिटेड नतीजे जारी किए हैं। इसमें सबसे महत्वपूर्ण बदलाव डेप्रिसिएशन (Depreciation) एकाउंटिंग का है। कंपनी ने 1 अप्रैल, 2026 से 'रिटन डाउन वैल्यू' (WDV) मेथड को हटाकर 'स्ट्रेट-लाइन मेथड' (SLM) को अपनाया है। इस एकाउंटिंग बदलाव का सीधा असर मुनाफे पर दिखा है, जिससे डेप्रिसिएशन चार्ज में ₹2.23 करोड़ की कमी आई है।
बेंगलुरु फैसिलिटी का संकट
भले ही कंपनी का रेवेन्यू और मुनाफा बढ़ा हो, लेकिन ऑडिटर्स ने एक गंभीर चेतावनी दी है। कंपनी की बेंगलुरु फैसिलिटी, जिसमें ₹7.06 करोड़ का कैपिटल वर्क-इन-प्रोग्रेस (CWIP) फंसा हुआ है, वह लैंडलॉर्ड के साथ विवाद के कारण अभी तक शुरू नहीं हो सकी है। यह पूंजी फिलहाल बिना किसी इस्तेमाल के रुकी हुई है, जिस पर निवेशकों को नजर रखने की जरूरत है।
भविष्य की योजनाएं और कॉरपोरेट हलचल
कंपनी अब अपने कारोबार को विस्तार देने की तैयारी में है। बोर्ड ने को-लिविंग (Co-living), वेयरहाउस और टर्नकी कॉन्ट्रैक्टिंग जैसे क्षेत्रों में उतरने के लिए मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन में बदलाव की मंजूरी दी है। साथ ही, ऑथोराइज्ड शेयर कैपिटल को ₹6 करोड़ से बढ़ाकर ₹12 करोड़ करने का प्रस्ताव भी रखा गया है। इसके अलावा, कंपनी ने फैसिलिटीज हेड अनुराग गुप्ता के इस्तीफे की जानकारी भी दी है।
