Niks Technology ने अपनी आगामी 30 सितंबर, 2026 को होने वाली AGM के लिए एक 'Corrigendum' (संशोधन) जारी किया है। BSE के स्पष्टीकरण मांगने के बाद कंपनी ने प्रेफरेंशियल इश्यू से जुड़े 95 अलॉटीज की जानकारी सार्वजनिक की है।
क्या है पूरा मामला?
BSE द्वारा 21 सितंबर, 2026 को स्पष्टीकरण मांगने के बाद Niks Technology ने अपने AGM नोटिस में एक औपचारिक सुधार जारी किया है। यह अपडेट कंपनी के इक्विटी शेयर और वारंट के 'Preferential Issue' से संबंधित है।
निवेशकों के लिए क्यों है जरूरी?
नोटिस के आइटम नंबर 10 और 11 में अब 95 नॉन-प्रमोटर अलॉटीज और उनके 'बेनिफिशियल ओनर्स' (Beneficial Owners) की पूरी जानकारी दी गई है। इस लिस्टिंग में नीलेश जयंतीलाल पटेल, विशाल जयंतीलाल पटेल और भरतकुमार प्रवीणचंद्र केशरवानी जैसे प्रमुख प्रतिभागियों के नामों और उनकी हिस्सेदारी की स्थिति को स्पष्ट किया गया है।
क्या शेयर की कीमतों पर असर पड़ा?
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह कदम केवल नियामक अनुपालन (Regulatory Compliance) और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए उठाया गया है। शेयर के 'इश्यू प्राइस' या किसी भी वित्तीय शर्तों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
अब आगे क्या?
शेयरधारकों को सलाह दी गई है कि वे वोटिंग से पहले मूल AGM नोटिस के साथ इस 'Corrigendum' को जरूर पढ़ें ताकि वे अलॉटमेंट के बाद की शेयरहोल्डिंग संरचना को बेहतर तरीके से समझ सकें।
