Newever Trade Wings के लिए मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में कंपनी को **₹52.18 लाख** का नेट लॉस हुआ है और ऑपरेशनल रेवेन्यू शून्य रहा है। कंपनी अब BSE सस्पेंशन हटाने के लिए नई लीडरशिप के साथ कोशिश कर रही है।
भारी नुकसान और ठप कारोबार
कंपनी की ओर से जारी नतीजों के मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में Newever Trade Wings को ₹52.18 लाख का तगड़ा नुकसान झेलना पड़ा है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू जीरो रहा है। कंपनी के इस खराब प्रदर्शन के पीछे मुख्य वजह एक्सचेंज को चुकाई गई ₹45.33 लाख की पेनल्टी और फीस है, जिसे वे अनुपालन (Compliance) में सुधार के लिए खर्च कर रहे हैं।
क्यों फंसा है स्टॉक?
Newever Trade Wings के शेयर 2019 से ही BSE पर सस्पेंड चल रहे हैं। हालांकि, जुलाई 2026 में Securities Appellate Tribunal (SAT) से राहत मिलने की उम्मीद जगी थी, लेकिन कंपनी अभी भी SEBI के कई नियमों को पूरा करने में असफल रही है। ऑडिटर ने भी 2015 से पुराने अकाउंटिंग रिकॉर्ड्स में कमी का हवाला देते हुए 'qualified opinion' जारी किया है।
नई टीम और बदलाव
हालात को सुधारने के लिए बोर्ड में बड़ा फेरबदल किया गया है। 5 अगस्त 2026 को मनोज बाथम को 3 साल के लिए मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। साथ ही, कंपनी ने तीन नए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स - ईरानी त्रिपाठी, नवनीत खरे और सरोज कुमार चौधरी को बोर्ड में शामिल किया है, जो कंपनी को पटरी पर लाने का काम करेंगे।
आगे क्या?
निवेशकों की नजर अब 29 सितंबर 2026 को होने वाली 14वीं सालाना आम बैठक (AGM) पर है। कंपनी का भविष्य पूरी तरह से इस पर निर्भर है कि वह BSE से सस्पेंशन हटवाने में कितनी जल्दी कामयाब होती है और नई टीम कैसे कामकाज फिर से शुरू करती है।
