Neueon Corporation Ltd ने फंड जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कंपनी QIP या राइट्स इश्यू जैसे तरीकों से **₹300 करोड़** तक का कैपिटल रेज करेगी। इसका मकसद बिजनेस ग्रोथ के साथ-साथ SEBI के नियमों का पालन करना भी है।
फंड जुटाने की तैयारी और रणनीति
कंपनी ने फंड जुटाने के लिए कई रास्ते खुले रखे हैं, जिसमें पब्लिक इश्यू, राइट्स इश्यू और क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशन्स प्लेसमेंट (QIP) शामिल हैं। इसके अलावा, कंपनी ने ₹110 करोड़ प्रति इकाई तक के मटेरियल रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शंस (RPTs) के लिए भी शेयरधारकों की मंजूरी मांगी है। साथ ही, आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन में संशोधन का प्रस्ताव भी रखा गया है, ताकि कैपिटल कॉल्स को जरूरत के हिसाब से मैनेज किया जा सके।
क्यों है यह कदम जरूरी?
अक्टूबर 2024 में NCLT से रेजोल्यूशन प्लान को मंजूरी मिलने के बाद, कंपनी के प्रमोटर्स के पास 90% हिस्सेदारी है। SEBI के मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग (MPS) नियमों के तहत, कंपनी को अक्टूबर 2027 तक प्रमोटर होल्डिंग घटाकर 25% करनी है। यह फंडरेजिंग इसी रेगुलेटरी लक्ष्य को पूरा करने और बिजनेस को रफ्तार देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
निवेशकों के लिए अहम जानकारी
शेयरधारक 30 सितंबर 2026 से 29 अक्टूबर 2026 के बीच रिमोट ई-वोटिंग के जरिए अपनी राय दे सकते हैं। बोर्ड ने कैपिटल कॉल्स के लिए जो फ्लेक्सिबिलिटी मांगी है, वह कंपनी की लिक्विडिटी जरूरतों को देखते हुए महत्वपूर्ण है।
आगे क्या होगा?
निवेशकों को इस पर नजर रखनी चाहिए कि कंपनी अंत में कौन सा फंडरेजिंग रूट चुनती है और इसका इक्विटी डाइल्यूशन पर कितना असर पड़ता है। साथ ही, किन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स की एंट्री होती है, यह कंपनी के टर्नअराउंड प्लान पर मार्केट के भरोसे को साफ करेगा।
