Neogem India के सितंबर 2026 तिमाही के नतीजों ने निवेशकों को मायूस किया है। कंपनी ने **₹28.83 लाख** का नेट लॉस रिपोर्ट किया है, साथ ही ऑडिटर ने कंपनी के संचालन और वित्तीय स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फाइनेंशियल संकट का साया
Neogem India के वित्तीय नतीजे कंपनी की बदहाली की कहानी बयां कर रहे हैं। कंपनी का नेट लॉस पिछले साल के ₹8.64 लाख से बढ़कर इस बार ₹28.83 लाख पर पहुंच गया है। पहली छमाही का कुल घाटा अब ₹31.48 लाख हो गया है। सबसे चौंकाने वाली बात कंपनी के स्टैच्युटरी ऑडिटर 'Ashok Bairagra & Associates' की रिपोर्ट है, जिन्होंने कंपनी की बैलेंस शीट पर 'Adverse Opinion' दिया है।
क्यों है खतरे की घंटी?
ऑडिटर्स का कहना है कि कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियां 1 जनवरी 2018 से पूरी तरह बंद पड़ी हैं। सबसे बड़ा रिस्क यह है कि अगर कंपनी अपने ₹41.11 करोड़ के लॉन्ग-आउटस्टैंडिंग डेटर्स (देनदारियों) का प्रोविजन करती है, तो उसकी नेट वर्थ पूरी तरह खत्म हो जाएगी। कंपनी फिलहाल 'Going Concern' (जारी रहने वाली इकाई) के रूप में काम करने में भी पूरी तरह असमर्थ दिख रही है।
बैंक और कानून का शिकंजा
कंपनी की मुश्किलें केवल ऑपरेशनल नहीं, बल्कि कानूनी भी हैं:
- NPA का बोझ: Punjab National Bank और Bank of India के लोन 2015-16 से ही NPA घोषित किए जा चुके हैं।
- फ्रीज बैंक अकाउंट: नियमों के उल्लंघन के कारण कंपनी के बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए हैं।
- SARFAESI एक्ट: Punjab National Bank ने बकाया वसूली के लिए SARFAESI एक्ट, 2002 के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
फिलहाल, कंपनी के पास कोई रिवाइवल प्लान (उद्धार योजना) नजर नहीं आ रही है, जिससे शेयरधारकों के लिए लंबी अवधि का रिस्क काफी बढ़ गया है।
