Naturo Indiabull Ltd के लिए फाइनेंशियल ईयर **2026** किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। कंपनी का रेवेन्यू घटकर मात्र **₹1** रह गया है, साथ ही **₹82.07 लाख** का नेट लॉस भी दर्ज हुआ है। ऑडिटर्स ने कंपनी के कामकाज में गंभीर अनियमितताएं और गवर्नेंस की खामियां पकड़ी हैं।
भारी गिरावट और गवर्नेंस का संकट
कंपनी ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के ऑडिटेड नतीजे जारी किए हैं, जो बेहद निराशाजनक हैं। पिछले साल ₹2.05 करोड़ का रेवेन्यू कमाने वाली कंपनी की कमाई अब सिर्फ ₹1 पर आ गई है, जबकि नेट लॉस ₹82.07 लाख दर्ज किया गया है।
ऑडिटर्स ने क्यों उठाए सवाल?
ऑडिटर की रिपोर्ट में कंपनीज एक्ट (Companies Act, 2013) के उल्लंघन का जिक्र है। मुख्य आपत्तियां इस प्रकार हैं:
- ₹54.58 करोड़ के अनाधिकृत इंटर-कॉर्पोरेट लोन।
- ₹8.05 करोड़ की अवैध उधारी।
- ₹10.65 करोड़ की इन्वेंट्री का कोई भौतिक सत्यापन (Physical Inspection) नहीं हुआ।
ऑडिटर्स का यह भी कहना है कि कंपनी का अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर नियमों के मुताबिक 'Audit Trail' या 'Edit Log' फीचर को सपोर्ट नहीं करता, जो डेटा की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
निवेशकों के लिए रिस्क
कंपनी की 'Going Concern' स्थिति पर भी संदेह जताया जा रहा है। ₹14.84 करोड़ के ट्रेड रिसीवेबल्स की वसूली को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। हालांकि, मैनेजमेंट ने कर्ज को रिस्ट्रक्चर करने, ERP सिस्टम अपडेट करने और टैक्स देनदारियों को धीरे-धीरे निपटाने का भरोसा दिया है, लेकिन निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
