Naturo Agrotech India Limited के सितंबर 2025 तक के छमाही नतीजों में कोई रेवेन्यू नहीं दिखाया गया है। कंपनी को **₹19.55 लाख** का नुकसान हुआ है और ऑडिटर्स ने कंपनी के कामकाज और बैलेंस शीट पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का हाल
सितंबर 2025 में खत्म हुई छमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹0.00 लाख रहा, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में कंपनी ने ₹1338.64 लाख का रेवेन्यू दर्ज किया था। ऑपरेशनल कामकाज पूरी तरह ठप होने के चलते कंपनी को ₹19.55 लाख का नेट लॉस उठाना पड़ा है।
ऑडीटर की चेतावनी (Qualified Opinion)
कंपनी के ऑडिटर्स ने फाइनेंशियल स्टेटमेंट पर 'क्वालीफाइड ओपिनियन' जारी किया है, जो निवेश के नजरिए से काफी डराने वाला है। मुख्य चिंताएं इस प्रकार हैं:
- संदिग्ध लोन: कंपनी ने ₹55.22 करोड़ के लोन और एडवांस दिए हैं, जिनमें 'कंपनी एक्ट' के नियमों का पालन नहीं किया गया है।
- इन्वेंट्री का सत्यापन: ₹10.65 करोड़ की इन्वेंट्री का कोई फिजिकल वेरिफिकेशन रिकॉर्ड मौजूद नहीं है।
- रिकवरी का जोखिम: ₹14.68 करोड़ के ट्रेड रिसीवेबल्स की रिकवरी पर संदेह है क्योंकि देनदारों से कोई कन्फर्मेशन नहीं मिला है।
गवर्नेंस और अनुपालन (Compliance Issues)
ऑडिटर ने TDS/TCS जैसे सरकारी बकायों के भुगतान में देरी पर भी सवाल उठाए हैं। साथ ही, कंपनी के अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर में 'एडिट लॉग' का न होना फाइनेंशियल ट्रांजैक्शंस की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। निवेशकों के लिए फिलहाल सतर्क रहने की सलाह है, क्योंकि मैनेजमेंट की ओर से इन सवालों के जवाब आने तक अनिश्चितता बनी रहेगी।
