Narmada Macplast Drip Irrigation Systems के लिए फाइनेंशियल ईयर 2026 काफी मुश्किल रहा। कंपनी का रेवेन्यू गिरकर **₹3.74 करोड़** और नेट प्रॉफिट **₹0.45 करोड़** पर आ गया है।
मुनाफे में बड़ी गिरावट
कंपनी के फाइनेंशियल आंकड़ों पर नजर डालें तो बिजनेस में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली है। पिछले साल के ₹12.81 करोड़ के मुकाबले, इस बार रेवेन्यू और अन्य इनकम सिमटकर महज ₹3.74 करोड़ रह गई है। नेट प्रॉफिट भी पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹5.39 करोड़ से लुढ़ककर ₹0.45 करोड़ पर आ गया है, जिसका सीधा असर कंपनी की अर्निंग्स पर (EPS) पड़ा है।
उत्पादन इकाई का संकट
मैनेजमेंट ने खुलासा किया है कि कंपनी का मुख्य प्रोडक्शन यूनिट पिछले 3 सालों से ज्यादा समय से बंद पड़ा है। प्लांट में कामकाज न होने की वजह से टेक्नोलॉजी या एनर्जी कंजर्वेशन को लेकर कोई भी गतिविधि इस साल नहीं हुई है।
कॉरपोरेट एक्शन और रिस्ट्रक्चरिंग
कंपनी ने हाल ही में कई बड़े बदलाव किए हैं। अक्टूबर 2025 में 1:1 के अनुपात में बोनस शेयर जारी करने के बाद, अक्टूबर 2026 में 5-फॉर-1 का स्टॉक स्प्लिट किया गया, जिससे शेयर की फेस वैल्यू ₹10 से घटकर ₹2 हो गई है। इसके अलावा, कंपनी ₹50 करोड़ जुटाने के लिए राइट्स इश्यू लाने की तैयारी कर रही है।
कंप्लायंस और रिस्क
सेक्रेटेरियल ऑडिट में कई गंभीर खामियां सामने आई हैं, जिसमें शेयरहोल्डिंग पैटर्न दाखिल करने में देरी, इंटरनल ऑडिटर की नियुक्ति न होना और BSE की लिस्टिंग फीस के भुगतान में देरी जैसे मुद्दे शामिल हैं। हालांकि बोर्ड ने इन गलतियों को सुधारने का आश्वासन दिया है।
अब आगे क्या?
इरिगेशन बिजनेस में सुस्ती को देखते हुए कंपनी ने अपने मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन में बदलाव किया है और अब वे एग्री-कमोडिटी की ट्रेडिंग में कदम रख रहे हैं। निवेशकों को अब कंपनी के ₹50 करोड़ के राइट्स इश्यू और नए ट्रेडिंग बिजनेस से होने वाली कमाई पर कड़ी नजर रखनी चाहिए।
