Naksh Precious Metals ने FY2025-26 के लिए निराशाजनक नतीजे पेश किए हैं। कंपनी को **₹37.58 लाख** का नेट लॉस हुआ है, जबकि पिछले साल कंपनी मुनाफे में थी। इसके साथ ही, कंपनी ने NAS Global Industries में अपनी **51%** हिस्सेदारी बेचने और अपना रजिस्टर्ड ऑफिस महाराष्ट्र शिफ्ट करने का ऐलान किया है।
मुनाफे से नुकसान तक का सफर
कंपनी के फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के नतीजे काफी कमजोर रहे हैं। पिछले साल जहां कंपनी ₹45.25 लाख का मुनाफा कमा रही थी, वहीं इस बार इसे ₹37.58 लाख का नेट लॉस झेलना पड़ा है। ऑपरेशनल रेवेन्यू में भी बड़ी गिरावट देखी गई, जो पिछले साल के ₹235.14 लाख से घटकर ₹134.24 लाख रह गया है।
गवर्नेंस पर उठे गंभीर सवाल
निवेशकों के लिए चिंता की बात केवल नतीजे नहीं, बल्कि कंपनी की गवर्नेंस है। ऑडिटर ने ₹164.98 लाख के 'कैश-इन-हैंड' बैलेंस को वेरिफाई करने से इनकार कर दिया है क्योंकि इसके लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स मौजूद नहीं हैं। इसके अलावा, सेक्रेटेरियल ऑडिट में वेबसाइट डिस्क्लोजर में देरी, क्वार्टरली कंप्लायंस रिपोर्ट न जमा करना और कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (MCA) में डायरेक्टर नियुक्ति के फॉर्म न भरने जैसी गंभीर खामियां पाई गई हैं।
कंपनी का अगला कदम
कंपनी अपना रजिस्टर्ड ऑफिस दिल्ली से नासिक (महाराष्ट्र) शिफ्ट करने की प्रक्रिया में है। इसके अलावा, कंपनी ने M/s. Vadulekar and Associates को नए स्टैच्यूटरी ऑडिटर के रूप में 5 साल के लिए नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा है।
आगे क्या देखें?
निवेशकों की नजर अब 30 सितंबर, 2026 को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) पर होनी चाहिए। यहाँ NAS Global Industries में हिस्सेदारी बेचने और ऑडिटर्स द्वारा उठाई गई आपत्तियों के समाधान पर बोर्ड की रणनीति स्पष्ट होगी।
