सरकारी कंपनी NTPC पर शेयर बाजारों ने **₹10.74 लाख** का जुर्माना लगाया है। यह एक्शन जून 2026 तिमाही में बोर्ड कंपोजिशन के नियमों का पालन न करने के कारण लिया गया है। कंपनी ने सरकार द्वारा डायरेक्टर नियुक्त किए जाने का हवाला देते हुए जुर्माना माफ करने की अपील की है।
क्या है पूरा मामला?
सरकारी बिजली कंपनी NTPC को BSE और NSE की तरफ से नोटिस मिला है। कंपनी पर ₹5,36,900 का जुर्माना दोनों एक्सचेंजों ने अलग-अलग लगाया है, जो GST मिलाकर कुल ₹10.74 लाख बैठता है। यह जुर्माना SEBI के 'लिस्टिंग ऑब्लिगेशन एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स' (LODR) के रेगुलेशन 17(1) के उल्लंघन के लिए लगाया गया है, जो बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की नियुक्ति से जुड़ा है।
क्यों आया है यह जुर्माना?
यह कोई बड़ा वित्तीय नुकसान नहीं है, लेकिन यह PSU कंपनियों के सामने आने वाली एक बड़ी चुनौती को दिखाता है। NTPC के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन के मुताबिक, बोर्ड में डायरेक्टर्स की नियुक्ति का अधिकार भारत सरकार के पास (मिनिस्ट्री ऑफ पावर के जरिए) होता है। इसी वजह से सरकारी नियुक्ति प्रक्रिया और SEBI के अनुपालन समय-सीमा (Compliance Timeline) के बीच तालमेल की कमी के कारण यह समस्या पैदा हुई है।
कंपनी का रुख
NTPC मैनेजमेंट ने साफ कर दिया है कि उन्होंने एक्सचेंज से जुर्माना माफ करने की अपील की है। कंपनी का कहना है कि वे लगातार मिनिस्ट्री ऑफ पावर के संपर्क में हैं ताकि जल्द से जल्द इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की नियुक्ति की जा सके और नियमों का पूरी तरह पालन हो सके।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
भले ही यह ₹10.74 लाख का जुर्माना कंपनी के बड़े मुनाफे के सामने बहुत छोटा है, लेकिन निवेशकों को भविष्य में कंपनी के बोर्ड में नियुक्तियों की रफ्तार पर नजर रखनी चाहिए। लगातार नियमों का पालन न होना भविष्य में कंपनी की साख (Reputation) पर असर डाल सकता है। अब देखना होगा कि एक्सचेंज इस पर क्या फैसला लेते हैं और मिनिस्ट्री ऑफ पावर कब तक बोर्ड में खाली पदों को भरती है।
