N.R. International ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें कंपनी का नेट लॉस बढ़कर **₹16.82 लाख** हो गया है। BSE पर ट्रेडिंग अभी भी सस्पेंडेड है और कंपनी पर **₹14.80 करोड़** की संभावित टैक्स देनदारी का संकट मंडरा रहा है।
बिगड़ती फाइनेंशियल स्थिति
कंपनी के लिए पिछला फाइनेंशियल ईयर काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। कोयला और कोक ट्रांसपोर्टेशन में काम करने वाली इस कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के ₹77.86 लाख से घटकर इस बार सिर्फ ₹28.95 लाख रह गया है। नतीजतन, नेट लॉस जो पहले ₹0.65 लाख था, वह अब बढ़कर ₹16.82 लाख के स्तर पर पहुंच गया है।
क्यों ठप है कारोबार?
BSE पर कंपनी के शेयर लंबे समय से सस्पेंडेड हैं, जिससे निवेशकों का पैसा पूरी तरह से फंसा हुआ है। कंपनी मैनेजमेंट का कहना है कि वे रेगुलेटर्स के साथ बातचीत कर रहे हैं ताकि ट्रेडिंग फिर से शुरू की जा सके, लेकिन अभी तक कोई समय सीमा तय नहीं हुई है।
ऑडिटर्स की चेतावनी और नियम उल्लंघन
ऑडिटर्स ने कंपनी के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कंपनी पर कंपनीज एक्ट, 2013 की धारा 185 और 186 के उल्लंघन का आरोप है, जो कि Bharat Global Private Limited, Geothermal Logistics और Sangeeta Nirmal Modi को दिए गए अनसिक्योर्ड लोन से जुड़े हैं। इसके अलावा, असेसमेंट ईयर 2014-15 से 2017-18 के बीच कंपनी पर लगभग ₹14.80 करोड़ की टैक्स देनदारी का बोझ बना हुआ है।
नई टीम, नई चुनौतियां
इन समस्याओं को सुलझाने के लिए मैनेजमेंट ने बदलाव किए हैं। अगस्त 2025 में Aman Kumar Singh को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर और दिसंबर 2025 में Gaurav Pandey को कंपनी सेक्रेटरी के तौर पर नियुक्त किया गया है। कंपनी अब रियल एस्टेट सेक्टर में हाथ आजमाकर डायवर्सिफाई करने की कोशिश कर रही है, लेकिन इंटरनल कंट्रोल की कमियां और फंडिंग की कमी विकास के रास्ते में सबसे बड़ा रोड़ा बनी हुई है।
