NAPS Global India के प्रमोटर ग्रुप के सदस्य अंश जैन ने ओपन मार्केट से कंपनी के **52,800** शेयर खरीदे हैं। इस खरीदारी के बाद उनकी कुल हिस्सेदारी बढ़कर **6.16%** हो गई है, जिसे बाजार में कंपनी के प्रति भरोसे के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
प्रमोटर की 'बुलिश' चाल
प्रमोटर ग्रुप के सदस्य अंश जैन ने 21 सितंबर, 2026 को बाजार से 52,800 शेयर खरीदे। इस खरीदारी के बाद कंपनी में उनकी कुल होल्डिंग 4.97% से बढ़कर 6.16% हो गई है। कंपनी की कुल वोटिंग कैपिटल 44,30,000 शेयर पर स्थिर बनी हुई है और अब प्रमोटर के पास कुल 2,72,800 शेयर हो गए हैं।
निवेशकों के लिए क्या हैं मायने?
शेयर बाजार के जानकारों के अनुसार, जब प्रमोटर खुद बाजार से शेयर खरीदते हैं, तो इसे 'इनसाइडर कॉन्फिडेंस' के रूप में देखा जाता है। इसका सीधा मतलब यह है कि कंपनी के करीबी लोग करंट प्राइस पर शेयर को वैल्युएबल मान रहे हैं। यह कदम खासकर उतार-चढ़ाव भरे बाजार में निवेशकों का सेंटिमेंट सुधारने का काम कर सकता है।
आगे क्या नजर रखें?
निवेशकों को अब BSE की अगली फाइलिंग्स पर नजर रखनी चाहिए। अगर आने वाले दिनों में प्रमोटर की तरफ से और भी शेयर खरीदे जाते हैं, तो यह लंबे समय के लिए कंपनी के प्रति अटूट विश्वास का संकेत होगा। वहीं, खरीदारी रुकने का मतलब यह हो सकता है कि यह सिर्फ एक छोटी पोर्टफोलियो रीबैलेंसिंग थी।
