Muzali Arts Limited ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए **₹48.25 लाख** का मुनाफा दर्ज किया है। कंपनी घाटे से उबर रही है, लेकिन BSE पर शेयरों की ट्रेडिंग अब भी निलंबित है और इंटरनल ऑडिट से जुड़ी चिंताएं बनी हुई हैं।
मुनाफे की ओर वापसी
Muzali Arts Limited ने अपने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी ने ₹48.25 लाख का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹293.72 लाख के बड़े नुकसान के मुकाबले एक बड़ा सुधार है। कंपनी की ग्रॉस इनकम भी पिछले साल के ₹46.32 लाख से बढ़कर ₹87.24 लाख पर पहुंच गई है। कंपनी अपनी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 29 सितंबर, 2026 को वर्चुअल मोड में आयोजित करने जा रही है।
निवेशकों के लिए अनिश्चितता
वित्तीय सुधार के बावजूद निवेशकों के लिए स्थिति अभी भी चुनौतीपूर्ण है। कंपनी के शेयर 29 सितंबर, 2023 से BSE पर सस्पेंडेड हैं, जिससे लिक्विडिटी पूरी तरह खत्म हो गई है। रिकवरी मोड में होने के कारण कंपनी ने इस साल कोई डिविडेंड (Dividend) भी घोषित नहीं किया है।
गवर्नेंस और ऑडिट से जुड़ी चिंताएं
ऑडिटर ने निवेशकों को दो बड़े मुद्दों के प्रति आगाह किया है:
- सब्सिडियरी विवाद: कंपनी ने अपनी सहायक कंपनी 'Jalan & Jalan Collection Inc.' में 80% हिस्सेदारी को 'जीरो वैल्यू' पर दर्ज किया है, क्योंकि विवाद के कारण कंपनी का इस पर से नियंत्रण खत्म हो गया है।
- ऑडिट ट्रेल में खामियां: कंपनी अपने अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर में अनिवार्य 'ऑडिट ट्रेल' फीचर को ठीक से मेंटेन नहीं कर पाई, जिसके चलते ऑडिटर ने अनुपालन (Compliance) पर सवाल उठाए हैं।
अगले पड़ाव के रूप में निवेशकों को BSE सस्पेंशन हटने और AGM में होने वाले फैसलों पर नजर रखनी चाहिए, जिससे स्पष्ट हो सके कि बोर्ड इस विवाद और ऑडिट कमियों को कैसे सुलझाएगा।
