Morepen Laboratories के निवेशकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कंपनी को राहत देते हुए ₹117.94 करोड़ का जीएसटी रिकवरी नोटिस रद्द कर दिया है, जिससे कंपनी के सिर से एक बड़ी कानूनी मुसीबत टल गई है।
कानूनी जीत और कंपनी को राहत
Morepen Laboratories Limited ने स्टॉक एक्सचेंज को जानकारी दी है कि हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया है। मामला कमिश्नर ऑफ सेंट्रल जीएसटी और सेंट्रल एक्साइज, शिमला द्वारा जारी एक 'शो कॉज नोटिस' (SCN) से जुड़ा था, जिसमें कंपनी से ₹117.94 करोड़ की वसूली की मांग की गई थी। यह विवाद मुख्य रूप से CGST Act, 2017 के तहत टैक्स रिफंड से संबंधित था।
क्यों अहम है यह फैसला?
इतनी बड़ी रकम का मामला अक्सर कंपनी के वैल्युएशन और मार्केट सेंटीमेंट पर दबाव डालता है। हालांकि यह एक 'कंटिंजेंट लायबिलिटी' (Contingent Liability) थी, लेकिन कोर्ट के इस फैसले ने कानूनी अनिश्चितता को पूरी तरह खत्म कर दिया है। अब कंपनी का मैनेजमेंट बिना किसी कानूनी डर के अपने फार्मा और मेडिकल डिवाइसेज सेगमेंट के कामकाज पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित कर सकेगा।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
कंपनी ने साफ किया है कि इस फैसले का उनके फाइनेंशियल कामकाज या मौजूदा ऑपरेशंस पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। यह फैसला 12 अक्टूबर, 2026 को आया, जिससे लंबे समय से चल रहे कानूनी विवाद पर विराम लग गया है। आने वाले समय में निवेशकों को कंपनी की अगली क्वार्टरली फाइलिंग पर नजर रखनी चाहिए, जहां इस लायबिलिटी के हटने के बाद बैलेंस शीट में बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
