IPO के बाद Moneyview Ltd ने गवर्नेंस सुधारने के लिए पोस्टल बैलट प्रक्रिया शुरू की है। कंपनी **2015 ESOP प्लान** को मंजूरी देने और डायरेक्टर नॉमिनेशन अधिकारों में बदलाव के लिए शेयरधारकों से वोट मांग रही है।
पोस्ट-लिस्टिंग गवर्नेंस पर जोर
Moneyview Ltd ने हाल ही में अपने IPO के बाद कॉर्पोरेट गवर्नेंस को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने 5 अहम प्रस्तावों पर रिमोट ई-वोटिंग के जरिए शेयरधारकों की मंजूरी मांगी है।
प्रस्ताव में क्या-क्या शामिल है?
कंपनी मुख्य रूप से ESOP 2015 प्लान को रेगुलराइज करने और इसे सब्सिडियरी कर्मचारियों तक बढ़ाने पर विचार कर रही है। साथ ही, ESOP ट्रस्ट को फंड देने और शेयर कैपिटल के री-क्लासिफिकेशन का प्रस्ताव भी शामिल है।
डायरेक्टर्स के अधिकारों में बदलाव
आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन में संशोधन का मुख्य उद्देश्य पुनीत अग्रवाल, संजय अग्रवाल और Accel Group जैसे प्रमुख स्टेकहोल्डर्स के लिए 'डायरेक्टर नॉमिनेशन राइट्स' को आधिकारिक रूप देना है। यह बदलाव 9 सितंबर, 2026 को प्रेफरेंस शेयर्स के इक्विटी में कन्वर्जन के बाद एक जरूरी प्रक्रिया है।
महत्वपूर्ण तारीखें (Key Dates)
- कट-ऑफ डेट: 16 अक्टूबर, 2026
- वोटिंग विंडो: 24 अक्टूबर, 2026 से 22 नवंबर, 2026 तक
- रिजल्ट की तारीख: 24 नवंबर, 2026
निवेशकों के लिए अलर्ट
ESOP ट्रस्ट के लिए फंडिंग को पेड-अप कैपिटल और फ्री रिजर्व के 5% तक सीमित रखा गया है। हालांकि यह एक मानक प्रक्रिया है, लेकिन निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि नए ऑप्शन ग्रांट्स से भविष्य में इक्विटी डाइल्यूशन का असर पड़ सकता है। 24 नवंबर को आने वाले वोटिंग नतीजों पर बाजार की नजर बनी रहेगी।
