Modi Rubber ने अपने बिजनेस मॉडल में बड़े बदलाव की घोषणा की है। कंपनी अब सैलून और जिम सेक्टर में उतरने जा रही है, जिसके लिए **30 सितंबर** को होने वाली AGM में शेयरधारकों की मंजूरी मांगी जाएगी। कंपनी का स्टैंडअलोन प्रॉफिट बढ़कर **₹19.41 करोड़** पहुंच गया है, हालांकि कंसोलिडेटेड नतीजों में गिरावट दिखी है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस: स्टैंडअलोन बनाम कंसोलिडेटेड
कंपनी के स्टैंडअलोन नतीजों में जोरदार रिकवरी देखने को मिली है, जहां नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹2.36 करोड़ से बढ़कर ₹19.41 करोड़ पहुंच गया है। वहीं, इसके उलट कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में बड़ी गिरावट आई है, जो ₹20.46 करोड़ से घटकर महज ₹0.64 करोड़ रह गया है।
नई रणनीति: सैलून और जिम बिजनेस
अपने बिजनेस को विस्तार देने के लिए, कंपनी अपने 'ऑब्जेक्ट क्लॉज' (Object Clause) में बदलाव करने की योजना बना रही है। इसके तहत, कंपनी अपने जॉइंट वेंचर 'Modi Marco Aldany Private Limited' के सैलून बिजनेस का अधिग्रहण करने की तैयारी में है। साथ ही, 1 अक्टूबर 2026 से आलोक मोदी को दोबारा मैनेजिंग डायरेक्टर के पद पर नियुक्त करने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगेगी।
कानूनी चुनौतियां और रिस्क
निवेशकों को कंपनी के Modinagar Tyre Factory (MTF) से जुड़े कानूनी विवाद पर नजर रखनी चाहिए, जो फिलहाल इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा नियुक्त ऑफिशियल लिक्विडेटर के नियंत्रण में है। इसके अलावा, हाल ही में शेयरहोल्डिंग पैटर्न दाखिल करने में एक दिन की देरी के चलते BSE और NSE ने कंपनी पर ₹2,360 का जुर्माना भी लगाया है। मुनाफे की कमी के चलते इस साल कंपनी ने किसी भी डिविडेंड की सिफारिश नहीं की है।
