Minal Industries ने अपनी 38वीं AGM का ऐलान कर दिया है, जो **29 सितंबर, 2026** को होगी। कंपनी MD की सैलरी बढ़ाने और **₹15 करोड़** के ट्रांजैक्शन पर वोटिंग कराएगी, लेकिन कंपनी की वित्तीय स्थिति और ऑडिटर की टिप्पणियों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस में गिरावट
कंपनी के ताजा नतीजों के अनुसार, फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट गिरकर ₹59.82 लाख रह गया, जो पिछले साल ₹421 लाख था। हालांकि, स्टैंडअलोन नेट लॉस में कुछ सुधार दिखा है, जो ₹69.43 लाख दर्ज किया गया है (पिछले साल यह ₹111.51 लाख था)।
AGM का एजेंडा और विवाद
AGM में शेयरहोल्डर्स को MD श्रीकांत जेसिंगलाल पारिख की सैलरी बढ़ाकर ₹14 लाख प्रति महीना करने के प्रस्ताव पर मुहर लगानी है। साथ ही, Minal Infojewels Limited के साथ ₹15 करोड़ के संबंधित पक्ष सौदों (Related-party transactions) पर भी मंजूरी मांगी गई है।
ऑडिटर की चेतावनी (Red Flags)
कंपनी के ऑडिटर्स ने गंभीर चिंताएं जताई हैं:
- गोइंग कंसर्न: कंपनी की वित्तीय स्थिति पर सवाल उठाते हुए इसे 'गोइंग कंसर्न' के तौर पर संदिग्ध माना है, क्योंकि कंपनी का घाटा ₹2,216.82 लाख तक पहुंच चुका है।
- Governance Issues: फिक्स्ड एसेट का फिजिकल वेरिफिकेशन नहीं होने और सही रिकॉर्ड न रखने पर कड़ी आपत्ति जताई गई है।
- NCLT केस: शेयर ओनरशिप को लेकर NCLT मुंबई बेंच में चल रहा कानूनी विवाद निवेशकों के लिए सबसे बड़ा रिस्क बना हुआ है।
मैनेजमेंट ने इस खराब परफॉर्मेंस के पीछे ग्लोबल इकोनॉमी में अस्थिरता और लॉजिस्टिक्स खर्च बढ़ने का हवाला दिया है, लेकिन ऑडिटर्स की टिप्पणी कंपनी के भविष्य पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।
