Milestone Furniture Ltd ने अपने ऑथोराइज्ड शेयर कैपिटल को ₹10 करोड़ से बढ़ाकर ₹60 करोड़ करने का ऐलान किया है। साथ ही कंपनी ने 'ESOP 2026' स्कीम पेश की है और ₹5.75 करोड़ के डिबेंचर अलॉटमेंट को रेगुलेटरी मंजूरी तक टाल दिया है।
बड़े विस्तार की तैयारी
कंपनी ने अपने ऑथोराइज्ड शेयर कैपिटल को ₹10 करोड़ से बढ़ाकर ₹60 करोड़ कर दिया है। यह कदम भविष्य में फंड जुटाने और शेयर जारी करने के लिए कंपनी को ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी देगा। इसके साथ ही, मैनेजमेंट ने कर्मचारियों के लिए 'ESOP 2026' स्कीम की घोषणा की है, जो कंपनी के लॉन्ग-टर्म विजन का हिस्सा है।
डिबेंचर अलॉटमेंट में देरी
कंपनी ने ₹5.75 करोड़ के अनलिस्टेड सिक्योर्ड ऑप्शनली कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (OCD) को इक्विटी में बदलने का फैसला फिलहाल टाल दिया है। यह फैसला SEBI LODR रेगुलेशन के तहत जरूरी मंजूरी मिलने में हुई प्रक्रियात्मक देरी के कारण लिया गया है। कंपनी अब जरूरी मंजूरी के लिए आवेदन कर रही है ताकि इन डिबेंचर होल्डर्स को उनके शेयर मिल सकें।
बड़े बदलाव और अपडेट्स
- ऑडिटर बदला: M/s. R. Daga & Co के इस्तीफा देने के बाद, M/s. Gupta Rajesh & Associates को नया स्टैच्युटरी ऑडिटर नियुक्त किया गया है, जो 28 जुलाई, 2026 से प्रभावी है।
- AGM में देरी: कंपनी ने महाराष्ट्र के ROC (रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज) से फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की AGM आयोजित करने के लिए 3 महीने का विस्तार मांगा है।
- ब्रांच विस्तार पर लगा ब्रेक: खार वेस्ट, मुंबई में नई ब्रांच खोलने का प्लान रद्द कर दिया गया है, क्योंकि कमर्शियल और कॉन्ट्रैक्ट संबंधी बातचीत सफल नहीं रही।
निवेशकों को अब रेगुलेटरी मंजूरी और OCD अलॉटमेंट की स्थिति पर नजर रखने की सलाह है, क्योंकि यही अगले कुछ हफ्तों में स्टॉक के लिए सबसे जरूरी ट्रिगर होगा।
