Mena Mani Industries ने Q2 FY27 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने पिछले साल के मुकाबले घाटे से उबरकर **₹0.18 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, साथ ही कंपनी ने अब होटल बिजनेस में उतरने की रणनीति बनाई है।
मुनाफे में सुधार, लेकिन चुनौती बरकरार
कंपनी ने शानदार सालाना रिकवरी दिखाई है। Q2 FY26 में कंपनी को ₹0.07 करोड़ का घाटा हुआ था, जो इस बार ₹0.18 करोड़ के नेट प्रॉफिट में बदल गया है। साथ ही, कंपनी का कुल रेवेन्यू भी पिछले साल के ₹2.14 करोड़ से बढ़कर ₹4.44 करोड़ पर पहुंच गया है।
होटल बिजनेस में बड़ा दांव
3 नवंबर, 2026 को हुई बोर्ड बैठक में कंपनी ने होटल इंडस्ट्री में कदम रखने की मंजूरी दी है। इसके लिए मैनेजिंग डायरेक्टर को पूंजी जुटाने और जॉइंट वेंचर या स्वतंत्र रूप से काम शुरू करने के अधिकार दिए गए हैं। इसके अलावा, कंपनी अपनी सब्सिडियरी JKV Solutions Ltd के जरिए सॉफ्टवेयर कारोबार को भी विस्तार देगी।
निवेशको के लिए रिस्क फैक्टर्स
सालाना आधार पर सुधार जरूर हुआ है, लेकिन तिमाही आधार (Sequential basis) पर स्थिति चिंताजनक है। Q1 FY27 में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹1.10 करोड़ था, जो अब गिरकर ₹0.18 करोड़ रह गया है।
होटल सेक्टर एक कैपिटल-इंटेंसिव (Capital-intensive) बिजनेस है, जिसमें निवेश और एग्जीक्यूशन रिस्क ज्यादा होता है। अगर कंपनी इसके लिए बाहर से फंड जुटाती है, तो शेयरहोल्डर्स के लिए इक्विटी डाइल्यूशन (Dilution) का रिस्क भी बना रहेगा। फिलहाल, JKV Solutions Ltd अभी तक निष्क्रिय रही है, इसलिए मौजूदा नतीजे केवल पैरेंट कंपनी के ही हैं। अब नजर इस बात पर होगी कि कंपनी होटल बिजनेस के लिए कितनी पूंजी का निवेश करती है और क्या मार्जिन में गिरावट एक मौसमी बदलाव है या बड़ा आर्थिक संकट।
