Megamont Limited (पूर्व में V.R. Woodart) ने अब पूरी तरह से एसेट-लाइट कमोडिटी ट्रेडिंग मॉडल पर शिफ्ट कर लिया है। कंपनी ने Q1 FY27 के नतीजे पेश किए हैं, जिसमें **₹219.2 करोड़** का रेवेन्यू और **₹13.5 करोड़** का EBITDA दर्ज किया गया है।
मुनाफे और ग्रोथ के आंकड़े
कंपनी ने अपने पुराने वुड-प्रोडक्ट्स बिजनेस से पूरी तरह बाहर निकलकर अब कमोडिटी ट्रेडिंग की दुनिया में अपनी पहचान बनाई है। हालिया नतीजों के अनुसार, कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) ₹2.22 करोड़ रहा है। यह बदलाव कंपनी द्वारा अपनाए गए नए 'एसेट-लाइट' बिजनेस मॉडल का परिणाम है, जिससे कंपनी की कैपिटल एफिशिएंसी में सुधार होने की उम्मीद है।
क्यों है यह बदलाव खास?
अब Megamont का ध्यान स्टील, कोयला, सीमेंट और इंडस्ट्रियल केमिकल्स के इंटरनेशनल ट्रेड पर है। कंपनी 21 ग्लोबल मार्केट्स में अपनी सप्लाई चेन का विस्तार कर रही है। एसेट-लाइट मॉडल का मतलब है कि कंपनी अब इन्फ्रास्ट्रक्चर में ज्यादा पैसा फंसाने के बजाय ट्रेडिंग वॉल्यूम और लॉजिस्टिक्स पर फोकस कर रही है।
FY27 के लिए मैनेजमेंट की रणनीति
मैनेजमेंट ने ग्रोथ के लिए 5 मुख्य स्तंभ तय किए हैं:
- ट्रेड वॉल्यूम बढ़ाने के लिए बैंकिंग लिमिट्स में बढ़ोतरी।
- लिक्विडिटी सुधारने के लिए कैश-टू-कैश साइकिल को छोटा करना।
- रिसाइकिल मेटल्स और केमिकल्स पर ज्यादा फोकस।
- सप्लायर और बायर इंटीग्रेशन के जरिए ट्रेड कॉरिडोर का विस्तार।
- रिस्क कंट्रोल और बेहतर डॉक्यूमेंटेशन प्रक्रिया।
बिजनेस ऑपरेशंस
कंपनी अपने दो प्रमुख सहायक उपक्रमों - Mont International Private Limited और Nidimo Mont Private Limited के जरिए अपना कारोबार चला रही है। बोर्ड का स्ट्रक्चर इंडिपेंडेंट रखा गया है, जिसमें चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और ट्रेड प्रोफेशनल्स शामिल हैं ताकि नए ऑपरेशंस को मजबूती से संभाला जा सके।
