ई-कॉमर्स कंपनी Meesho ने अपने फिनटेक और B2B कारोबार को मजबूत बनाने के लिए **₹433 करोड़** से ज्यादा के निवेश को मंजूरी दी है। यह फंड कंपनी की नई अंडरराइटिंग सब्सिडियरी और पेमेंट आर्म के विस्तार में इस्तेमाल किया जाएगा।
फिनटेक और B2B पर दांव
Meesho के बोर्ड ने ₹433 करोड़ से अधिक के निवेश को हरी झंडी दे दी है। इस राशि का मुख्य हिस्सा कंपनी की चार अलग-अलग सब्सिडियरीज में लगाया जाएगा। इस कदम का मकसद फिनटेक इकोसिस्टम को वर्टिकलाइज करना और बाहरी निर्भरता को खत्म करना है।
प्रमुख निवेश के आंकड़े:
- Meesho Payments Private Limited (MPPL): कंपनी ने अपनी पेमेंट आर्म को ₹400 करोड़ का फंड दिया है। यह लेंडिंग सर्विस प्रोवाइडर के तौर पर काम करती है और मर्चेंट्स के लिए क्रेडिट को आसान बनाएगी।
- Retail Pulse Labs: इसमें ₹18.74 करोड़ का निवेश किया गया है।
क्यों है यह फैसला अहम?
कंपनी का फोकस अब 'इन-हाउस अंडरराइटिंग' पर है। इससे Meesho सीधे तौर पर अपने कर्जदारों के साथ बेहतर रिश्ते बना सकेगी और क्रेडिट लाइफसाइकिल पर अपना कंट्रोल बढ़ाएगी। इससे न केवल यूनिट इकोनॉमिक्स सुधरेगी, बल्कि संस्थागत पूंजी (Institutional Capital) तक पहुंच भी आसान हो जाएगी। इसके अलावा, Retail Pulse Labs और Kirana Club के जरिए कंपनी FMCG ब्रांड्स और छोटे किराना दुकानदारों को सीधे जोड़ने की कोशिश कर रही है।
वित्तीय स्थिति पर एक नजर (FY 2025-26)
निवेश के साथ-साथ कंपनी ने अपनी सब्सिडियरीज का प्रदर्शन भी साझा किया है:
- MPPL: ₹11.05 करोड़ का टर्नओवर और ₹24.65 करोड़ का नेट लॉस।
- Retail Pulse Labs: ₹16.04 करोड़ का टर्नओवर और ₹1.60 करोड़ का नेट लॉस।
- Kirana Club: SGD 45,808 का टर्नओवर और SGD 837,754 का नेट लॉस दर्ज किया गया है।
निवेशकों के लिए अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यह बड़ा कैपिटल इंफ्यूजन और नई अंडरराइटिंग क्षमता कंपनी के लेंडिंग मार्जिन में कितना सुधार लाती है।
