McLeod Russel India ने अपनी 28वीं AGM 30 सितंबर, 2026 के लिए तय की है। हालांकि, ऑडिटर्स ने कंपनी की आर्थिक स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।
एजीएम और एजेंडा
McLeod Russel India Limited ने अपनी 28वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) की घोषणा कर दी है, जो 30 सितंबर, 2026 को सुबह 11:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित की जाएगी। इस बैठक में फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के ऑडिटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स और डायरेक्टर प्रदीप भार की दोबारा नियुक्ति पर चर्चा होगी।
ऑडिटर की कड़ी चेतावनी
निवेशकों को कंपनी की ऑडिट रिपोर्ट पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। कंपनी के स्टैच्यूटरी ऑडिटर्स, Lodha & Co LLP, ने कंपनी की फाइनेंशियल स्थिति को लेकर 'एडवर्स ओपिनियन' (Adverse Opinion) दिया है। ऑडिटर्स ने साफ कहा है कि कंपनी का 'गोइंग कंसर्न' (Going Concern) के रूप में बने रहना अनिश्चित है, साथ ही लोन और इंटर-कॉर्पोरेट डिपॉजिट पर ब्याज की मान्यता न होने पर भी सवाल उठाए गए हैं।
डेट रीस्ट्रक्चरिंग (Debt Restructuring) का संकट
कंपनी फिलहाल अपने कर्ज के बोझ को कम करने की कोशिशों में जुटी है। लेंडर कंसोर्टियम ने कंपनी का कर्ज NARCL (National Asset Reconstruction Company Limited) को ट्रांसफर कर दिया है। इसके साथ ही, कंपनी JCAF (J. C. Flowers Asset Reconstruction Company) के साथ वन-टाइम सेटलमेंट (OTS) के लिए बातचीत कर रही है।
रिस्क फैक्टर
कंपनी के लिए मास्टर रीस्ट्रक्चरिंग एग्रीमेंट का सफल होना बहुत जरूरी है। यदि यह प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं होती है, तो कंपनी की पहले से ही नाजुक बनी लिक्विडिटी स्थिति और भी बिगड़ सकती है।
