Mayur Uniquoters Ltd के शेयरहोल्डर्स ने प्रेसिडेंट-HR एंड एडमिनिस्ट्रेशन, श्रीमती पूजा पोद्दार के रिम्यूनरेशन प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। कुल **62.93%** वोट इस प्रस्ताव के खिलाफ पड़े, जिससे कंपनी के रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन पर निवेशकों का कड़ा रुख साफ नजर आता है।
क्या है पूरा मामला?
कंपनी ने अपनी प्रेसिडेंट-HR एंड एडमिनिस्ट्रेशन श्रीमती पूजा पोद्दार के रिम्यूनरेशन को मंजूरी दिलाने के लिए एक प्रस्ताव पेश किया था। चूँकि यह पद 'ऑफिस या प्लेस ऑफ प्रॉफिट' के दायरे में आता है, इसे रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन माना गया। कुल 26,18,528 वोटों में से 16,47,957 वोट प्रस्ताव के विरोध में पड़े, जिससे यह प्रस्ताव बहुमत हासिल करने में विफल रहा।
गवर्नेंस पर सवाल और संस्थागत निवेशकों की ताकत
दिलचस्प बात यह है कि पब्लिक-अदर निवेशकों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया था, जहाँ 98.32% वोट पक्ष में आए। हालांकि, सारा खेल इंस्टीट्यूशनल होल्डर्स ने पलट दिया, जिन्होंने अपने 77.31% वोट प्रस्ताव के खिलाफ डाले। गौरतलब है कि प्रमोटर ग्रुप ने इस मामले में वोटिंग से दूरी बनाए रखी।
निवेशकों के लिए संकेत
यह घटना कॉर्पोरेट गवर्नेंस के प्रति निवेशकों की बढ़ती जागरूकता को दिखाती है। अब मार्केट की नजर इस बात पर है कि कंपनी अपनी सीनियर मैनेजमेंट की सैलरी पॉलिसी में क्या बदलाव करती है और क्या आगे चलकर कोई संशोधित प्रस्ताव पेश किया जाएगा। इस घटनाक्रम से भविष्य में रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन को लेकर रेगुलेटर्स की निगरानी भी बढ़ सकती है।
