Mayur Leather Products में बड़े बदलाव की आहट है। घनश्याम हंसराजानी ने कंपनी की **26%** हिस्सेदारी खरीदने के लिए **₹27.92** प्रति शेयर पर ओपन ऑफर पेश किया है। हालांकि मैनेजमेंट बदल रहा है, लेकिन कंपनी का जीरो रेवेन्यू और कानूनी विवाद निवेशकों के लिए बड़ी चिंता का विषय बने हुए हैं।
मैनेजमेंट में बड़ा बदलाव
घनश्याम हंसराजानी ने Mayur Leather Products के प्रमोटर्स के साथ शेयर परचेज एग्रीमेंट (SPA) साइन किया है, जिसके तहत वे 26.50% हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेंगे। इस ट्रांजेक्शन के बाद अब 26% अतिरिक्त इक्विटी के लिए ओपन ऑफर शुरू किया गया है। पब्लिक शेयरहोल्डर्स के लिए यह ऑफर 9 नवंबर 2026 से 23 नवंबर 2026 तक खुला रहेगा।
क्यों अहम है यह डील?
यह अधिग्रहण कंपनी के पूरे कंट्रोल और मैनेजमेंट में बदलाव का संकेत है। नए प्रमोटर ने अपनी गंभीरता दिखाते हुए ₹3.51 करोड़ की पूरी राशि को Kotak Mahindra Bank के एस्क्रो (Escrow) अकाउंट में जमा कर दी है।
कंपनी के सामने कड़ी चुनौतियां
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि कंपनी गहरे वित्तीय संकट में है:
- जीरो रेवेन्यू: पिछले दो फाइनेंशियल ईयर (FY 24-26) से कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू शून्य है।
- बढ़ता नुकसान: 31 मार्च 2026 तक कंपनी का एक्युमुलेटेड लॉस (Accumulated Losses) ₹616.41 लाख तक पहुंच चुका है।
- कानूनी विवाद: Canara Bank ने कंपनी के कर्ज को फरवरी 2023 में ही NPA घोषित कर दिया था, और मामला Debt Recovery Tribunal (DRT) में चल रहा है। कई संपत्तियां नीलामी की कगार पर हैं।
रेगुलेटरी अपडेट
फिलहाल यह स्टॉक BSE पर ESM स्टेज-1 में है, जबकि कोलकाता स्टॉक एक्सचेंज पर इसकी ट्रेडिंग 1999 से ही सस्पेंडेड है। नए प्रमोटर के पास बैंकिंग और रियल एस्टेट का अनुभव तो है, लेकिन लेदर इंडस्ट्री का अनुभव न होना भी एक जोखिम हो सकता है। आने वाले दिनों में 'Draft Letter of Offer' में नए मैनेजमेंट का क्या प्लान है, उस पर नजर रखना जरूरी होगा।
