Mangalam Global Enterprise ने अपने प्रमोटर्स और प्रमोटर ग्रुप को **3 करोड़** फुली कन्वर्टिबल इक्विटी वारंट जारी करने की योजना बनाई है। फंड जुटाने के लिए यह प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट शेयरधारकों और रेगुलेटरी मंजूरी पर निर्भर है, जिसके लिए कंपनी अब पोस्टल बैलेट प्रक्रिया शुरू करेगी।
फंड जुटाने की तैयारी
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 6 नवंबर, 2026 को हुई बैठक में 3,00,00,000 (3 करोड़) कन्वर्टिबल वारंट को प्रेफरेंशियल बेसिस पर जारी करने को मंजूरी दी है। ये वारंट 18 महीने की अवधि के भीतर इक्विटी शेयरों में बदले जा सकेंगे। वारंट की कीमत SEBI के (Issue of Capital and Disclosure Requirements) रेगुलेशंस के तहत तय की जाएगी।
किसे मिलेंगे ये वारंट?
इस अलॉटमेंट में प्रमोटर परिवार के मुख्य सदस्य शामिल हैं। चंद्रगुप्त प्रकाश मंगल और चाणक्य प्रकाश मंगल को 1-1 करोड़ वारंट मिलेंगे। वहीं, तनीषा मंगल को 45 लाख और हनी मंगल को 55 लाख वारंट आवंटित किए जाएंगे।
गवर्नेंस और आगे का रास्ता
कंपनी अब पोस्टल बैलेट और ई-वोटिंग के जरिए शेयरधारकों से औपचारिक मंजूरी लेगी। पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए RPSS & Co. के पार्टनर राजेश पारेख को स्वतंत्र स्क्रूटिनाइजर नियुक्त किया गया है।
निवेशकों के लिए जोखिम
प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के चलते माइनॉरिटी शेयरहोल्डर्स के लिए इक्विटी डाइल्यूशन का जोखिम बना रहता है, क्योंकि भविष्य में वारंट के शेयरों में बदलने पर मौजूदा हिस्सेदारी कम हो सकती है। फिलहाल, पूरी प्रक्रिया रेगुलेटरी ग्रीन सिग्नल मिलने पर ही अमल में आएगी।
