Majestic Research Services and Solutions ने अपने एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) को आयोजित करने के लिए ROC से तीन महीने का विस्तार मांगा है। कंपनी अब इसे 31 दिसंबर, 2026 तक टालना चाहती है।
AGM के लिए क्यों मांगा अतिरिक्त समय?
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने Registrar of Companies (ROC), कर्नाटक के पास इस संबंध में एक आवेदन दायर करने की मंजूरी दे दी है। कंपनी का कहना है कि वे फिलहाल अपनी पोस्ट-इनसॉल्वेंसी रिस्ट्रक्चरिंग (Insolvency Restructuring) और कैपिटल रिडक्शन (Capital Reduction) की जटिल प्रक्रियाओं से गुजर रहे हैं, जिसके कारण निर्धारित समयसीमा में AGM करना चुनौतीपूर्ण है। यह अनुरोध 'Companies Act, 2013' की धारा 96(1) के तहत किया गया है।
निवेशकों के लिए क्या हैं मायने?
यह विस्तार इस बात का संकेत है कि कंपनी अभी अपने कॉर्पोरेट रिकवरी के बड़े दौर से गुजर रही है। शेयरहोल्डर्स को यह ध्यान रखना चाहिए कि कंपनी न केवल अपने फाइनेंशियल स्टेटमेंट को अंतिम रूप देने में लगी है, बल्कि कैपिटल रिडक्शन के बाद शेयरहोल्डर रिकॉर्ड्स का मिलान करने जैसी प्रशासनिक चुनौतियों का भी सामना कर रही है।
बैकग्राउंड और आगे की राह
कंपनी वर्तमान में 'National Company Law Tribunal' (NCLT) द्वारा मंजूर किए गए रेजोल्यूशन प्लान को लागू करने के फेज में है। यह पूरी प्रक्रिया 'Insolvency and Bankruptcy Code' (IBC) के कड़े नियमों के तहत हो रही है, जिसमें शेयरों की रिलिस्टिंग (Relisting) की तैयारी भी शामिल है। निवेशकों को सलाह है कि वे ROC से मिलने वाली औपचारिक मंजूरी और AGM की नई तारीख पर नजर बनाए रखें।
