Mahesh Developers अपनी 18वीं AGM में ऑथराइज्ड कैपिटल और बॉरोइंग लिमिट को बढ़ाकर **₹100 करोड़** करने की मंजूरी मांग रही है। कंपनी का कामकाज फिलहाल बंद है, बावजूद इसके वह फंड जुटाने की योजना बना रही है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और विस्तार की योजना
वित्तीय वर्ष 2026 में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹13.80 लाख रहा, जो पिछले साल ₹2.34 लाख था। कंपनी अब अपने ऑथराइज्ड कैपिटल और बॉरोइंग लिमिट को बढ़ाकर ₹100 करोड़ तक ले जाने की तैयारी में है। यह कदम बिजनेस में किसी बड़े बदलाव या रीस्ट्रक्चरिंग की ओर इशारा करता है।
गवर्नेंस पर गंभीर सवाल
कंपनी के लिए सबसे बड़ी चिंता ऑडिट रिपोर्ट में सामने आई गवर्नेंस की कमियां हैं। पिछले फाइनेंशियल ईयर में कंपनी में कंपनी सेक्रेटरी (CS) का पद लंबे समय तक खाली रहा और अनिवार्य इंटरनल ऑडिट भी नहीं कराया गया। साथ ही, SEBI के इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों के तहत जरूरी 'स्ट्रक्चर्ड डिजिटल डेटाबेस' को मेंटेन करने में भी कंपनी विफल रही है। मैनेजमेंट का तर्क है कि खराब फाइनेंशियल स्थिति और पर्सनल मेडिकल कारणों से ये चूक हुई है।
ऑडिटर में बदलाव
AGM में शेयरहोल्डर्स M/s. Sunit M. Chhatbar & Co. की बतौर नए स्टैच्युटरी ऑडिटर नियुक्ति पर मुहर लगाएंगे। इससे पहले M/s. Bhairavi Gala & Associates ने 17 अप्रैल 2026 को इस्तीफा दे दिया था।
निवेशकों के लिए जोखिम
निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। कंपनी फिलहाल इनएक्टिव मोड में है और कंप्लायंस में कई गैप्स हैं। मैनेजमेंट कैसे ऑपरेशन्स को फिर से एक्टिव करता है और ऑडिट संबंधी खामियों को दूर करता है, यही आने वाले समय में कंपनी की दिशा तय करेगा।
