Magnum Ventures Limited ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी की टोटल इनकम **₹466.80 करोड़** तक पहुंच गई है, लेकिन कंपनी **₹11.38 करोड़** के नेट लॉस (Net Loss) में है। कंपनी अब अपने पेपर बिजनेस के डीमर्जर (Demerger) की तैयारी कर रही है और कई कानूनी पचड़ों में भी फंसी है।
मुनाफे के मुकाबले बढ़ती चुनौतियां
Magnum Ventures की 46वीं एनुअल रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने पिछले साल के मुकाबले अपनी टोटल इनकम में 17.5% की शानदार ग्रोथ दर्ज की है, जो कि ₹466.80 करोड़ रही। हालांकि, टॉप-लाइन में सुधार के बावजूद बॉटम-लाइन पर दबाव साफ दिख रहा है और कंपनी को ₹11.38 करोड़ का नेट लॉस हुआ है। निवेशकों को इस साल कोई डिविडेंड नहीं मिलेगा।
डीमर्जर और कॉर्पोरेट एक्शन
कंपनी फिलहाल एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। अपने पेपर बिजनेस को 'Magnum Paperz Limited' के तौर पर अलग (Demerger) करने की प्रक्रिया जारी है। BSE और NSE से मंजूरी मिलने के बाद अब कंपनी NCLT से अंतिम अनुमति का इंतजार कर रही है। इसके अलावा, कंपनी ने पिछले साल नवंबर में 20 लाख इक्विटी शेयर अलॉट किए और 2 लाख प्रेफरेंस शेयर रिडीम किए हैं।
कानूनी और रेगुलेटरी मुश्किलें
निवेशकों को इन कानूनी विवादों पर नजर रखनी चाहिए:
- GST: ₹1.43 करोड़ की टैक्स डिमांड को लेकर कंपनी कानूनी लड़ाई लड़ रही है।
- SEBI: कंपनी और उसके मैनेजमेंट पर लगे ₹66 लाख (कुल जुर्माना) के खिलाफ मामला सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल (SAT) में पेंडिंग है।
- बैंकिंग: Bank of Baroda के खिलाफ ₹3 करोड़ की वसूली का मुकदमा चल रहा है।
क्रेडिट रेटिंग
Acuité Ratings ने कंपनी की लॉन्ग-टर्म बैंक सुविधाओं और नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) को 'Acuite BB | Stable' रेटिंग दी है, जो कंपनी के मॉडरेट क्रेडिट रिस्क प्रोफाइल को दर्शाती है।
