Mahanagar Telephone Nigam Ltd (MTNL) को BSE की ओर से **₹12.66 लाख** का जुर्माना लगाया गया है। कंपनी पर जून 2026 तिमाही में SEBI के नियमों (LODR) के तहत बोर्ड और कमिटी के गठन का पालन न करने का आरोप है।
जुर्माना क्यों लगा?
BSE ने 25 अगस्त 2026 को जारी नोटिस में MTNL पर ₹12.66 लाख का जुर्माना लगाया है। इसमें ₹10.73 लाख की बेस पेनाल्टी है और ₹1.93 लाख का GST शामिल है। यह जुर्माना SEBI के 6 अलग-अलग नियमों के उल्लंघन के कारण लगाया गया है, जिसमें इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की कमी और ऑडिट व रिस्क मैनेजमेंट जैसी अहम कमिटियों के गठन में कोताही बरतना शामिल है।
कंपनी का क्या कहना है?
MTNL का तर्क है कि सरकारी कंपनी होने के नाते, बोर्ड में डायरेक्टर्स की नियुक्ति की ताकत पूरी तरह से डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन्स (DoT) के पास है। कंपनी ने एक्सचेंज से जुर्माने में छूट (Waiver) की मांग की है और कहा है कि ये कमियां उनके नियंत्रण से बाहर हैं। कंपनी के मुताबिक, इन नियमों के पालन न होने से उनके रोजमर्रा के कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ा है।
निवेशकों के लिए रिस्क
हालांकि यह पेनल्टी रकम के हिसाब से छोटी है, लेकिन यह MTNL के सुस्त गवर्नेंस की ओर इशारा करती है। यदि BSE इस माफी की अपील को खारिज कर देता है, तो रेगुलेटरी सख्ती बढ़ सकती है। भविष्य में अगर यह स्थिति बनी रहती है, तो स्टॉक को 'Z' कैटेगरी में ट्रांसफर किए जाने का खतरा भी बना रह सकता है।
आगे क्या देखें?
अब निवेशकों की नजर इस बात पर होनी चाहिए कि क्या BSE इस जुर्माने को माफ करता है। इसके साथ ही, डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन्स की तरफ से पेंडिंग 6 इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की नियुक्ति को लेकर आने वाली किसी भी आधिकारिक घोषणा पर नजर रखना बेहद जरूरी है।
