Corporate Insolvency Resolution Process (CIRP) से गुजर रही MT Educare ने FY 2025-26 के लिए घाटे के आंकड़े जारी किए हैं। कंपनी भारी वित्तीय दबाव, लोन डिफॉल्ट और एसेट वेरिफिकेशन से जुड़ी चुनौतियों का सामना कर रही है।
घाटे की मार और ऑडिटर्स की चिंता
कंपनी के लिए फाइनेंशियल ईयर 2025-26 काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। MT Educare ने स्टैंडअलोन आधार पर ₹616.06 लाख और कंसोलिडेटेड आधार पर ₹312.86 लाख का घाटा रिपोर्ट किया है। कंपनी ने 30 सितंबर, 2026 को अपनी 20वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) बुलाई है।
क्यों है मामला गंभीर?
कंपनी अभी Resolution Professional (RP) की देखरेख में है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि कंपनी के वैधानिक ऑडिटर M/s. MGB & Co. LLP ने अपनी रिपोर्ट में 'Disclaimer of Opinion' जारी किया है। ऑडिटर्स का कहना है कि उन्हें पर्याप्त सबूत नहीं मिल पा रहे हैं। उन्होंने ₹6,000 लाख से ज्यादा के डेफोर्ड टैक्स एसेट्स और फिक्स्ड एसेट्स के भौतिक सत्यापन (Physical Verification) पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
संकट की जड़ और भविष्य की राह
कंपनी के लोन डिफॉल्ट होने के बाद अकाउंट्स को नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) घोषित किया जा चुका है। लिक्विडिटी की कमी के कारण गैर-लाभकारी सेंटर्स को बंद किया गया है और कर्मचारियों की संख्या में कटौती की गई है। फिलहाल, सब कुछ इस बात पर निर्भर है कि NCLT का रिजॉल्यूशन प्लान क्या आता है और NCLAT में SVC Bank की अपील का क्या नतीजा निकलता है।
