MT Educare साल 2022 से दिवालिया प्रक्रिया यानी CIRP से गुजर रही है। कंपनी पर बैंकों का **₹32.35 करोड़** का कर्ज बकाया है, और कानूनी विवादों के चलते निवेशकों की चिंताएं बनी हुई हैं।
क्या है ताजा स्थिति?
MT Educare पर वित्तीय संकट गहराता जा रहा है। NCLT मुंबई के दिसंबर 2022 के आदेश के बाद से कंपनी कॉर्पोरेट इन्सॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) के तहत है। 31 अगस्त 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, कंपनी पर कुल ₹32.35 करोड़ का डिफॉल्ट है। इसमें Prudence ARC को ₹20.19 करोड़ और Axis Bank Limited को ₹12.16 करोड़ का भुगतान करना बाकी है। ये डिफॉल्ट मार्च 2021 से ही बने हुए हैं।
क्यों बढ़ रही है निवेशकों की चिंता?
कंपनी पर सिर्फ बैंक लोन ही नहीं, बल्कि Sri Gayatri Education Society और Lakshya Forum for Competitions Pvt Ltd के लिए दी गई कॉर्पोरेट गारंटी का भी बोझ है। फिलहाल, रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (Resolution Professional) मिस्टर अरिहंत नेनावटी कंपनी के पुनर्गठन की देखरेख कर रहे हैं।
कानूनी विवाद (Legal Battle)
कंपनी का Shamrao Vithal Co-op Bank के साथ ₹49.72 करोड़ के क्लेम को लेकर कानूनी विवाद चल रहा है। कंपनी का कहना है कि यह गारंटी इन्सॉल्वेंसी की तारीख से पहले लागू नहीं हुई थी। हालांकि मार्च 2025 में NCLT ने बैंक की याचिका खारिज कर दी थी, लेकिन फिलहाल यह मामला NCLAT में अपील के तौर पर लंबित है।
निवेशकों के लिए जोखिम
इन्सॉल्वेंसी प्रक्रिया से गुजर रही कंपनियों में शेयरहोल्डर वैल्यू खत्म होने या भारी गिरावट आने का जोखिम बना रहता है। सारा दारोमदार NCLT द्वारा मंजूर होने वाली रेजोल्यूशन प्लान पर है, जिसमें वित्तीय लेनदारों और बैंकों को इक्विटी निवेशकों से पहले प्राथमिकता दी जाएगी।
