MSL Global ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए **₹2.14 करोड़** का स्टैंडअलोन प्रॉफिट दर्ज कर रिकवरी के संकेत दिए हैं। हालांकि, **₹12 करोड़** के एक अनप्रोविजन एडवांसेज पर ऑडिटर की 'क्वालिफाइड ओपिनियन' ने निवेशकों के लिए जोखिम पैदा कर दिया है।
फाइनेंशियल टर्नअराउंड की हकीकत
MSL Global Ltd ने अपनी 43वीं एनुअल जनरल मीटिंग में फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के नतीजों का खुलासा किया है। कंपनी ने पिछली बार के ₹0.83 करोड़ के नुकसान के मुकाबले इस बार ₹2.14 करोड़ का स्टैंडअलोन प्रॉफिट हासिल किया है। वहीं, कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹4.97 करोड़ दर्ज किया गया है। रेवेन्यू में भी भारी उछाल देखने को मिला है, जो पिछले साल के ₹0.07 करोड़ से बढ़कर ₹7.29 करोड़ पर पहुंच गया है।
ऑडिटर का 'रेड फ्लैग'
कंपनी की बैलेंस शीट पर सबसे बड़ा खतरा ₹12 करोड़ का एडवांसेज है, जो Primus Retail (P) Ltd को दिया गया था। यह पैसा पिछले 3 सालों से अटका हुआ है और अब Primus Retail लिक्विडेशन (Liquidation) प्रक्रिया से गुजर रही है। ऑडिटर ने इस पर 'क्वालिफाइड ओपिनियन' जारी की है, क्योंकि कंपनी ने इसके लिए कोई प्रोविजनिंग नहीं की है, जो भविष्य में बड़े घाटे का कारण बन सकता है।
बड़े बदलाव और विस्तार
कंपनी ने अपने कारोबार का विस्तार करते हुए नवंबर 2025 में Compliance Kart Private Limited में 71.51% हिस्सेदारी खरीदी है। साथ ही, 1.03 करोड़ इक्विटी शेयर ₹18 प्रति शेयर के भाव पर जारी कर अपनी पूंजी को मजबूत किया है।
मैनेजमेंट में उठापटक
बीते साल मैनेजमेंट में कई बड़े बदलाव हुए हैं। CFO सौसन बुखारी के इस्तीफे के बाद दिसंबर 2025 में श्रीनिवास विश्वनाथ ने जिम्मेदारी संभाली है। इसके अलावा, इंडिपेंडेंट डायरेक्टर हर्ष झावेरी ने पद छोड़ दिया है, जबकि ईशा अजय सेखरी को बोर्ड में शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया है।
