MRF Ltd के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। केरल टैक्स अथॉरिटीज ने फाइनेंशियल ईयर 2014-15 के लिए कंपनी की CST डिमांड को ₹91.53 करोड़ से घटाकर अब ₹36.19 करोड़ कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
MRF Ltd को हाल ही में केरल के पाला (Pala) में डिप्टी कमिश्नर ऑफ स्टेट टैक्स की ओर से एक रेक्टिफिकेशन ऑर्डर मिला है। यह मामला फाइनेंशियल ईयर 2014-15 के दौरान सेंट्रल सेल्स टैक्स (CST) एक्ट के तहत एक्सपोर्ट क्लीयरेंस और डिक्लेरेशन फॉर्म्स से जुड़ा हुआ है।
निवेशकों के लिए क्यों है यह राहत?
कंपनी के लिए यह करीब ₹55 करोड़ से ज्यादा की टैक्स डिमांड का कम होना एक बड़ी राहत है। अक्सर ऐसी लंबी मुकदमेबाजी (litigation) के कारण कंपनी की बैलेंस शीट पर भारी अनिश्चितता बनी रहती है। इस ऑर्डर के बाद कंपनी का कॉन्टिजेंट लायबिलिटी (contingent liability) प्रोफाइल काफी हल्का हो गया है।
आगे क्या होगा?
फिलहाल, MRF Ltd की लीगल और टैक्स टीम इस ऑर्डर का गहराई से अध्ययन कर रही है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कंपनी बकाया ₹36.19 करोड़ का भुगतान करेगी या फिर इसे चुनौती देने के लिए और कानूनी रास्ते तलाशेगी। हालांकि, इस फैसले ने कंपनी के सामने मौजूद वित्तीय दबाव को काफी हद तक कम कर दिया है।
निवेशकों को अब यह देखना होगा कि कंपनी इस मामले को यहीं खत्म करती है या कानूनी लड़ाई को और आगे ले जाती है।
