MPS Limited के निवेशकों के लिए अहम खबर है। NCLT, चेन्नई बेंच ने ADI BPO Services के साथ कंपनी के प्रस्तावित अमलगमेशन (Amalgamation) पर प्रक्रियात्मक निर्देश जारी कर दिए हैं और अगली सुनवाई **4 नवंबर, 2026** के लिए तय की है।
कानूनी प्रक्रिया में नया मोड़
NCLT चेन्नई बेंच ने 16 सितंबर, 2026 को दूसरे मोशन पिटीशन पर आदेश पारित किया है। यह कदम 2 जुलाई, 2026 को मिली पहली मंजूरी के बाद आया है। कंपनी ने जानकारी दी है कि 22 अगस्त, 2026 को हुई मीटिंग में शेयरधारकों और अनसेक्योर्ड क्रेडिटर्स से इस स्कीम को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है।
अब आगे क्या होगा?
NCLT ने कंपनी को निर्देश दिए हैं कि वे केंद्र सरकार, रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज और इनकम टैक्स विभाग जैसे रेगुलेटरी अथॉरिटीज को वैधानिक नोटिस जारी करें। साथ ही, कंपनी को 'Business Standard' (अंग्रेजी) और 'Dina Malar' (तमिल) अखबारों में इसके बारे में पब्लिक नोटिस प्रकाशित करना होगा।
निवेशकों के लिए जरूरी बात
रेगुलेटरी अथॉरिटीज को नोटिस मिलने के 30 दिन के भीतर अपनी आपत्तियां दर्ज करानी होंगी। यदि कोई जवाब नहीं आता है, तो इसे 'नो ऑब्जेक्शन' माना जाएगा। फिलहाल इस घटनाक्रम का कंपनी के फाइनेंशियल या ऑपरेटिंग पोजीशन पर कोई तत्काल प्रभाव नहीं पड़ेगा, लेकिन निवेशकों को 4 नवंबर, 2026 की अगली सुनवाई पर नजर रखनी चाहिए।
