Luxury Time Ltd का बड़ा फैसला: IPO के पैसों से अब करेगी अधिग्रहण, शेयरधारकों से मांगी मंजूरी

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Luxury Time Ltd का बड़ा फैसला: IPO के पैसों से अब करेगी अधिग्रहण, शेयरधारकों से मांगी मंजूरी

Luxury Time Ltd अपने IPO से मिले अन-यूटिलाइज्ड फंड्स को लेकर बड़ी रणनीति बना रही है। कंपनी **₹13.32 करोड़** की राशि को वर्किंग कैपिटल की जगह रणनीतिक निवेश और अधिग्रहण के लिए इस्तेमाल करना चाहती है। इसके लिए कंपनी ने पोस्टल बैलट प्रक्रिया शुरू की है, जिसके लिए ई-वोटिंग **25 सितंबर 2026** तक चलेगी।

फंड्स का नया रूट

30 जून 2026 तक कंपनी के पास ₹13.32 करोड़ की राशि अन-यूटिलाइज्ड पड़ी है। मैनेजमेंट की योजना है कि इस पैसे को अब जनरल वर्किंग कैपिटल की जरूरतों के बजाय रणनीतिक निवेश (Strategic Investments) और नए अधिग्रहण (Acquisitions) में लगाया जाए। नए प्रस्ताव के तहत ₹10 करोड़ सीधे इन अधिग्रहणों के लिए रखे जाएंगे।

क्यों लिया गया यह कदम?

कंपनी का तर्क है कि TAG Heuer के साथ उनके मौजूदा होलसेल संबंधों के कारण नए ब्रांड पार्टनरशिप में हितों का टकराव (Conflict of Interest) हो रहा है। इस समस्या को सुलझाने के लिए कंपनी एक ऐसी 'रिंग-फेंस्ड' प्लेटफॉर्म या सब्सिडियरी बनाना चाहती है, जिससे ब्रांड पार्टनरशिप्स को और बेहतर तरीके से मैनेज किया जा सके।

री-एलोकेशन के प्रमुख आंकड़े

नई योजना के तहत, रिटेल स्टोर्स के लिए आवंटन ₹2.81 करोड़ से बढ़ाकर ₹3.00 करोड़ कर दिया गया है। वहीं, जो ₹9 करोड़ पहले वर्किंग कैपिटल के लिए तय थे, उन्हें अब पूरी तरह से डायवर्ट कर दिया गया है।

निवेशकों के लिए जोखिम और आगे की राह

हालांकि यह एक ग्रोथ-केंद्रित कदम है, लेकिन कुछ चुनौतियां भी हैं। कंपनी का लक्ष्य मार्च 2028 तक इन निवेशों से मुनाफा कमाना है, लेकिन बाजार की अनिश्चितताओं के बीच यह समयसीमा चुनौतीपूर्ण हो सकती है। इसके अलावा, जॉइंट वेंचर में जाने से कंपनी की निर्णय लेने की क्षमता पर भी असर पड़ सकता है। निवेशकों की नजर 28 सितंबर 2026 पर होनी चाहिए, जब वोटिंग के नतीजों से यह तय होगा कि कंपनी का यह नया विजन आगे बढ़ता है या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.