Lloyds Metals and Energy के शेयरधारकों ने पोस्टल बैलेट के जरिए दो बड़े प्रस्तावों को पास कर दिया है। कंपनी अपने कर्ज को इक्विटी में बदलेगी और बोर्ड में नए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर की नियुक्ति की गई है।
कर्ज घटाने की दिशा में बड़ा कदम
कंपनी ने 24 अक्टूबर, 2026 को अपना पोस्टल बैलेट रिजल्ट जारी किया। शेयरधारकों ने कंपनी के लोन को इक्विटी शेयर में बदलने के प्रस्ताव को 99.89% मतों के साथ हरी झंडी दे दी है। इस फैसले के लिए कुल 41.75 करोड़ वोट पक्ष में पड़े। साथ ही, Avijit Ghosh को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में नियुक्त करने पर भी 97.75% वोट मिले।
क्यों है यह जरूरी?
इस फैसले से कंपनी अपनी बैलेंस शीट को और अधिक मजबूत बना सकेगी। कर्ज को इक्विटी में बदलकर कंपनी अपनी लायबिलिटीज (Liabilities) को कम करना चाहती है, जिससे भविष्य में फाइनेंशियल स्थिरता बनी रहे। वहीं, बोर्ड में नए डायरेक्टर की एंट्री से गवर्नेंस मानकों में और सुधार होगा।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks to watch)
कंपनी का कर्ज कम होना तो अच्छी बात है, लेकिन निवेशकों को थोड़ा सावधान भी रहना चाहिए। जब कंपनी नए शेयर जारी करके कर्ज चुकाती है, तो इससे इक्विटी बेस बढ़ जाता है। इसका सीधा असर कंपनी की 'अर्निंग्स पर शेयर' (EPS) पर पड़ सकता है और मौजूदा निवेशकों के शेयर का हिस्सा डाइल्यूट (Dilute) हो सकता है। अब निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि कन्वर्जन के लिए कंपनी क्या प्राइस तय करती है और किस समय पर ये नए शेयर जारी किए जाएंगे।
