Lippi Systems Limited ने अपनी 33वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में कंपनी का नाम बदलकर 'Nilkanth Resources Limited' करने का प्रस्ताव रखा है। इसके साथ ही कंपनी ने **₹100 करोड़** तक के निवेश और लोन की मंजूरी के लिए शेयरधारकों से सहमति मांगी है।
रणनीतिक बदलाव और विस्तार की तैयारी
Lippi Systems Limited ने 30 सितंबर 2026 को आयोजित अपनी 33वीं AGM में कई बड़े फैसले लिए हैं। सबसे बड़ा कदम कंपनी के नाम में बदलाव का है, जिससे संकेत मिलता है कि कंपनी अब अपने बिजनेस के पुराने दायरे से बाहर निकलकर नए क्षेत्रों में कदम रखने की तैयारी कर रही है। इसके लिए कंपनी अपने 'मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन' में भी बदलाव कर रही है।
₹100 करोड़ की वित्तीय ताकत
निवेशकों के लिए सबसे अहम हिस्सा बोर्ड द्वारा मांगी गई ₹100 करोड़ की निवेश और लोन लिमिट है। यह प्रस्ताव कंपनी के मैनेजमेंट को नई परियोजनाओं और बिजनेस लाइन्स में विस्तार करने के लिए बड़ी वित्तीय आजादी देगा। 'Nilkanth' के बैनर तले कंपनी के कामकाज का दायरा काफी बढ़ने की उम्मीद है।
लीडरशिप और गवर्नेंस में बड़ा बदलाव
कंपनी ने अपनी लीडरशिप टीम को भी पूरी तरह से रिस्ट्रक्चर किया है। इसमें जगदीश ढोलू (Mr. Jagdish Dholu) को मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर नियुक्त करना शामिल है। इसके अलावा, कंपनी ने अपने ऑडिट फंक्शन को दुरुस्त करते हुए M/s. B K Patel & Co. को नया स्टेट्युटरी ऑडिटर नियुक्त करने का प्रस्ताव दिया है, जो पिछले ऑडिटर के इस्तीफे के बाद खाली हुई जगह को भरेंगे।
आगे क्या होगा?
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि वोटिंग के आधिकारिक नतीजे (ई-वोटिंग और AGM के दौरान) जल्द ही स्टॉक एक्सचेंज के साथ साझा किए जाएंगे। नाम बदलने और वित्तीय लिमिट के प्रस्ताव पर अंतिम मुहर के लिए निवेशकों को एक्सचेंज की फाइलिंग का इंतजार करना चाहिए।
